बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद बनाने के बयान पर TMC विधायक निलंबित, कबीर अपने रुख पर कायम
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मुर्शिदाबाद से विधायक हुमायूं कबीर को बाबरी मस्जिद की तर्ज पर एक मस्जिद बनाने संबंधी विवादास्पद टिप्पणी के बाद पार्टी से निलंबित कर दिया है। पार्टी ने उन पर सांप्रदायिक तनाव भड़काने का प्रयास करने का आरोप लगाया है, साथ ही उन्हें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा प्रोत्साहित किए जाने का दावा भी किया है। हालांकि, हुमायूं कबीर अपने बयान पर अड़े हुए हैं और उन्होंने इस परियोजना को पूरा करने का संकल्प लिया है।
‘नींव रखेंगे, तो रखेंगे’: कबीर का दृढ़ संकल्प
मीडिया से मुखातिब होते हुए हुमायूं कबीर ने अपने रुख को दोहराते हुए कहा, “जब मैंने कहा था कि नींव रखेंगे, तो नींव रखेंगे। सब कुछ बाद में बताया जाएगा।” उन्होंने विस्तार से बताते हुए कहा कि 25 बीघा भूमि पर एक विशाल इस्लामिक केंद्र का निर्माण होगा, जिसमें एक अस्पताल, रेस्ट हाउस, होटल-कम-रेस्टोरेंट, हेलीपैड, पार्क और एक मेडिकल कॉलेज शामिल होगा। उन्होंने लोगों से धैर्य रखने और आने वाले दिनों में इस कार्य के पूरा होने का इंतजार करने का आग्रह किया। कबीर ने अपने तेवर दिखाते हुए कहा, “मुर्शिदाबाद में और कौन वादे करेगा? हुमायूं कबीर को कौन रोक सकता है… मैं उन्हें चुनौती दे रहा हूँ।”
ममता बनर्जी पर निशाना, ‘RSS का काम कर रही हैं सीएम’: कबीर
हुमायूं कबीर ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने याद दिलाया कि जब ममता बनर्जी पहली बार सत्ता में आईं, तो उन्हें 182 सीटें मिली थीं और उनकी (कबीर की) आवश्यकता थी। उन्होंने पूछा, “मुझे पार्टी में 12-13 सालों तक ऐसा क्यों किया गया? मुझे पार्टी में क्यों शामिल किया गया?” कबीर ने आरोप लगाया कि वर्तमान में मुख्यमंत्री लोगों से पैसे लेकर जगन्नाथ मंदिर बनवा रही हैं और दुर्गा पूजा के लिए भी पैसे दिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम मौलवियों को ₹3000 का भत्ता दिया जाता है, जिसे सभी भत्तों को मिलाकर ₹54,000 तक पहुंचाया जा रहा है, जबकि समितियों को हर साल ₹1,10,000 दिए जा रहे हैं। कबीर ने कटाक्ष करते हुए कहा, “वह आरएसएस का काम कर रही हैं।”
निलंबन की कार्रवाई और पार्टी का रुख
छह दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहा दी गई थी। इस घटना के संदर्भ में, TMC के वरिष्ठ नेता और कोलकाता के मेयर, फिरहाद हाकिम ने कबीर के निलंबन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कबीर का व्यवहार ऐसे समय में घोर अनुशासनहीनता है, जब पार्टी राज्य में शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए अथक प्रयास कर रही है। मुर्शिदाबाद के अन्य नेता अखरुज्जमां और नियामत शेख की उपस्थिति में हाकिम ने स्पष्ट किया कि यह निलंबन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मंजूरी के बाद ही किया गया है।
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