कोलकाता: 48 घंटों में जिएं ‘सिटी ऑफ जॉय’ की रूह, देखें यह परफेक्ट ट्रैवल प्लान
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि संस्कृति, साहित्य, सुनहरे इतिहास और बेमिसाल स्वाद का एक जीवंत संगम है। यहाँ की सड़कों पर दौड़ती ट्राम इसकी विरासत की गवाह है। अगर आप कोलकाता में हैं, तो यहाँ की मशहूर मिठाइयों जैसे चमचम, संदेश और मिष्टी दही का स्वाद चखे बिना आपकी यात्रा अधूरी है। वैसे तो यहाँ घूमने के लिए अनगिनत जगहें हैं, लेकिन अगर आपके पास समय की कमी है और आप केवल दो दिनों में इस शहर का असली सार महसूस करना चाहते हैं, तो यह खास ट्रिप प्लान आपके लिए ही बना है।
पहला दिन: शाही विरासत और सुहाना सूर्यास्त
सुबह: इतिहास के झरोखे से
अपने सफर की शुरुआत भव्य विक्टोरिया मेमोरियल से करें। सफेद संगमरमर की यह शानदार इमारत आपको ब्रिटिश काल की याद दिलाएगी। इसके अंदर मौजूद आर्ट गैलरी और बाहर के खूबसूरत बगीचे मन मोह लेंगे। इसके बाद मार्बल पैलेस का रुख करें, जिसे कोलकाता का ‘छिपा हुआ खजाना’ कहा जाता है। यहाँ आप प्राचीन मूर्तियों और यूरोपीय कलाकृतियों का नायाब संग्रह देख सकते हैं।
दोपहर: स्वाद का सफर
दोपहर के वक्त कोलकाता के मशहूर स्ट्रीट फूड का आनंद लें। कॉलेज स्ट्रीट या टिरट्ठी बाजार में आप कटलेट, मुगलई पराठा, फुचका और फिश फ्राई का स्वाद ले सकते हैं। अंत में ‘कॉफी हाउस’ में एक कप गर्मागर्म कॉफी और बौद्धिक चर्चाओं (अड्डे) के बीच वक्त बिताना न भूलें।
शाम: हुगली का किनारा
शाम को प्रिंसेप घाट पहुँचें। यहाँ हुगली नदी के किनारे टहलना और नाव की सवारी करते हुए ढलते सूरज को देखना एक जादुई अनुभव है। रात के अंधेरे में जब हावड़ा ब्रिज रोशनी से नहा उठता है, तो उसकी खूबसूरती देखते ही बनती है।
रात: पारंपरिक बंगाली दावत
दिन का अंत एक पारंपरिक बंगाली थाली के साथ करें। इसमें भापा इलिश (हिलसा मछली), शुक्तो, लूची और मिष्टी दोई जैसे व्यंजनों का लुत्फ उठाएं।
दूसरा दिन: आध्यात्मिकता, कला और खरीदारी
सुबह: भक्ति और शांति
दूसरे दिन की शुरुआत कालीघाट मंदिर में मां काली के दर्शन से करें। इसके बाद दक्षिणेश्वर मंदिर जाएं, जिसका नाता स्वामी विवेकानंद से रहा है। यहाँ से आप नाव के जरिए बेलूर मठ भी जा सकते हैं, जहाँ आपको असीम शांति का अनुभव होगा।
दोपहर: कलाकारी और प्रकृति
दोपहर में कुम्हारटोली की तंग गलियों में जाएं, जहाँ कलाकार मिट्टी से मां दुर्गा की भव्य मूर्तियां गढ़ते हैं। कला का यह जीवंत रूप देख आप दंग रह जाएंगे। इसके बाद आचार्य जगदीश चंद्र बोस बोटानिकल गार्डन की सैर करें और यहाँ स्थित दुनिया के सबसे पुराने और विशाल बरगद के पेड़ को देखना न भूलें।
शाम: न्यू मार्केट में शॉपिंग
शाम को न्यू मार्केट की हलचल के बीच खरीदारी का आनंद लें। यहाँ से आप बंगाल की मशहूर कांथा और तांत की साड़ियां, टेराकोटा ज्वेलरी और घर के लिए रसगुल्ले का डिब्बा पैक करवा सकते हैं।
रात: चाइना टाउन का स्वाद
अपनी यात्रा के आखिरी पड़ाव पर कोलकाता के चाइना टाउन जाएं। यहाँ का ऑथेंटिक इंडो-चाइनीज खाना आपके सफर को एक यादगार विदाई देगा।
कैसे और कब पहुँचें?
बेहतरीन समय: कोलकाता घूमने के लिए अक्टूबर से फरवरी (सर्दियों का मौसम) सबसे मुफीद है। अगर आप गर्मियों में आ रहे हैं, तो हल्के सूती कपड़े साथ रखें।
यात्रा के साधन: दिल्ली से कोलकाता के लिए फ्लाइट और ट्रेन दोनों ही बेहतरीन विकल्प हैं। बजट अच्छा है तो फ्लाइट (2.5 घंटे) चुनें, अन्यथा ट्रेन से 20-23 घंटे का सफर तय किया जा सकता है।
अनुमानित खर्च
- फ्लाइट: दिल्ली से वापसी का टिकट लगभग 6,000-7,000 रुपये।
- ट्रेन: स्लीपर क्लास करीब 600 रुपये, जबकि एसी कोच 2,500-3,000 रुपये तक।
- स्थानीय परिवहन: शहर घूमने के लिए 500-800 रुपये प्रतिदिन में स्कूटी या बाइक रेंट पर ले सकते हैं। कैब या ऑटो थोड़ा महंगा विकल्प हो सकता है।
- स्टे: अच्छे होटल का कमरा 1,500-2,000 रुपये प्रति रात में मिल जाएगा।
कुल बजट: एक व्यक्ति के दो दिन के ट्रिप का औसत खर्च करीब 6,000 से 9,000 रुपये के बीच आ सकता है।
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