ममता की दुर्गा पूजा में काबा का गूँज, बीजेपी का तीव्र विरोध

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ममता की दुर्गा पूजा में काबा का गूँज, बीजेपी का तीव्र विरोध
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कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में ‘काबा’ और ‘मदीना’ का गूंजा सुर: राजनीतिक गरमाई बहस

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने दुर्गा पूजा के माहौल में एक नई बहस छेड़ दी है। वीडियो में तृणमूल कांग्रेस के विधायक मदन मित्रा एक दुर्गा पूजा पंडाल के भीतर "मेरे दिल में काबा है और मेरी आँखों में मदीना है" गीत गाते हुए नजर आ रहे हैं। इस दौरान, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ताली बजाते और उनके गायन का आनंद लेते हुए देखा जा सकता है।

यह वीडियो सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की वरिष्ठ सलाहकार कंचन गुप्ता और भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किया गया है।

भाजपा का तीखा प्रहार:

भाजपा नेताओं ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताई है। कंचन गुप्ता ने अपने पोस्ट में लिखा, "मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ताली बजा रही हैं, जबकि उनके चाटुकार मदन मित्रा पश्चिम बंगाल के कोलकाता में एक दुर्गा पूजा पंडाल के अंदर ‘…मेरे दिल में काबा है और मेरी आँखों में मदीना है’ गा रहे हैं।"

अमित मालवीय ने भी इस वीडियो को साझा करते हुए इसे "अशुभ पितृ पक्ष" के दौरान ममता बनर्जी द्वारा हिजाब पहनकर पूजा पंडालों का उद्घाटन करने के संदर्भ से जोड़ा। उन्होंने टिप्पणी की, "ममता बनर्जी ने अशुभ पितृ पक्ष के दौरान हिजाब पहनकर कई पूजा पंडालों का उद्घाटन किया, उनके एक सहयोगी मदन मित्रा ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता में एक दुर्गा पूजा पंडाल के अंदर गाया, ‘मेरे दिल में काबा है और मेरी आंखों में मदीना है।’"

हिंदू धर्म की ‘शक्ति’ पर हमला?

भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने इस घटना को "इंडिया गठबंधन" के नेताओं के "दुर्भावनापूर्ण विचारों और संदिग्ध भावनाओं" से जोड़ा। उन्होंने कहा, "जब पूरा देश नवरात्रि मना रहा है, तब इंडिया गठबंधन के नेताओं के दुर्भावनापूर्ण विचार और संदिग्ध भावनाएँ सामने आ रही हैं।" त्रिवेदी ने मार्च 2014 में राहुल गांधी के हिंदू धर्म की ‘शक्ति’ से लड़ने वाले बयान का हवाला देते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि इस नवरात्रि में उस ‘शक्ति’ पर हमला शुरू हो गया है। उन्होंने हाल ही में कर्नाटक सरकार द्वारा बानू मुश्ताक को एक देवी मंदिर में पूजा-अर्चना करवाने और अब ममता बनर्जी द्वारा दुर्गा पंडाल में ‘दिल में काबा, नज़र में मदीना’ गीत का आनंद लेने की घटनाओं का उल्लेख किया।

त्रिवेदी ने सवाल उठाया, "इसमें कोई समस्या नहीं है, लेकिन संदेह की बात यह है कि नवरात्रि के दौरान, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री की मौजूदगी में, एक दुर्गा पंडाल में इसे क्यों गाया जा रहा है।" उन्होंने आगे पूछा कि क्या हिंदू धर्म की ‘शक्ति’ से लड़ने और उस पर हमला करने और हिंदू धर्म को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए बारूदी सुरंगें बिछाई जा रही हैं।

तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप:

भाजपा नेताओं का आरोप है कि पूजा के दौरान किसी दूसरे धर्म का गीत गाना "धर्मनिरपेक्षता" के नाम पर "कट्टरपंथी वोट हासिल करने" की हद है। उनका कहना है कि देश को इस "तुष्टिकरण की राजनीति" से अवगत होने की जरूरत है। उन्होंने इंडी गठबंधन से जवाब मांगा है कि दुर्गा पंडाल में ऐसे गाने के पीछे उनका "धर्मनिरपेक्ष दृष्टिकोण" क्या है। भाजपा नेताओं ने यह भी रेखांकित किया कि यही वो लोग हैं जो "बिना बुलाए राम मंदिर नहीं गए, अब बिना बुलाए दुर्गा पंडाल में आकर काबा और मदीना के प्रति अपने प्रेम का इज़हार कर रहे हैं।" उन्होंने राहुल गांधी और ममता बनर्जी से उनकी पार्टियों के रुख के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है।

यह घटना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है और इसे आगामी चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक बयानबाजी के रूप में देखा जा रहा है।


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