मायावती ने ईशान आनंद की अटकलों पर लगाया ब्रेक, बोलीं- परिवारवाद को पार्टी में जगह नहीं

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PEEYUSH UPADHYAY
पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव...
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मायावती ने ईशान आनंद की अटकलों पर लगाया ब्रेक, बोलीं- परिवारवाद को पार्टी में जगह नहीं

यूपी विधानसभा चुनाव से पहले BSP में चल रही राजनीतिक हलचल के बीच मायावती ने परिवार की भूमिका को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। आकाश आनंद के निष्कासन के बाद ईशान आनंद को जिम्मेदारी मिलने की अटकलों पर विराम लगाते हुए उन्होंने पार्टी में परिवारवाद से दूरी बनाए रखने का फैसला सुनाया है।

आकाश आनंद के बाद मायावती का बड़ा ऐलान

बहुजन समाज पार्टी में आकाश आनंद को फिर से निष्कासित किए जाने के बाद पार्टी की अगली रणनीति को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। माना जा रहा था कि मायावती अपने दूसरे भतीजे ईशान आनंद को संगठन में अहम जिम्मेदारी दे सकती हैं।

हालांकि, अब मायावती ने साफ कर दिया है कि वह अपने परिवार के किसी सदस्य को राजनीतिक लाभ पहुंचाने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी और आंदोलन के हित से किसी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

परिवारवाद को लेकर मायावती का सख्त संदेश

मायावती ने कहा कि BSP का मूल उद्देश्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के आत्मसम्मान और स्वाभिमान के कारवां को आगे बढ़ाना है। उनका कहना है कि इस मिशन की सफलता के रास्ते में किसी को भी बाधा बनने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

उन्होंने दावा किया कि उन्होंने अपने भाई-बहनों और उनके परिवार के युवाओं को पार्टी के काम तक सीमित रखा और सांसद, विधायक या मंत्री जैसे राजनीतिक पदों से दूर रखा। मायावती ने इसे कांशीराम की विचारधारा से भी जोड़ा।

आनंद कुमार के बेटों को लेकर फैसला

मायावती ने कहा कि उनके छोटे भाई आनंद कुमार लंबे समय से उनकी देखभाल के साथ-साथ उनकी निगरानी में पार्टी की जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। लेकिन अब उनके परिवार के सदस्यों को इसका राजनीतिक लाभ मिलना पार्टी और आंदोलन के हित में नहीं होगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि आनंद कुमार के दोनों बेटों को BSP में किसी भी छोटे या बड़े राजनीतिक पद पर काम करने का अवसर नहीं दिया जाएगा। साथ ही आगे उनके बच्चों को भी यह जिम्मेदारी सौंपने से इनकार किया।

दीपिका आनंद के लिए खुला रास्ता

हालांकि मायावती ने परिवार के लिए पूरी तरह दरवाजा बंद नहीं किया है। उन्होंने आनंद कुमार की बेटी दीपिका आनंद का जिक्र करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर वह भविष्य में उनकी मदद कर सकती हैं।

मायावती के मुताबिक दीपिका फिलहाल वकालत की पढ़ाई कर रही हैं। आगे उनकी ईमानदारी, वफादारी और कार्यक्षमता को देखते हुए पार्टी में जरूरत के अनुसार जिम्मेदारी दी जा सकती है।

अगर दीपिका इसके लिए तैयार नहीं होती हैं तो आनंद कुमार पार्टी की आम सहमति से दलित वर्ग के किसी अन्य मिशनरी कार्यकर्ता को जिम्मेदारी सौंप सकते हैं।

‘बच्चों की वजह से काफी कुछ झेलना पड़ रहा’

मायावती ने कहा कि आनंद कुमार के बच्चे अब बड़े और शादीशुदा हो चुके हैं और इसके चलते उन्हें भी काफी कुछ झेलना पड़ रहा है। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि वह किसी तरह के मोह में पड़कर पार्टी को नुकसान नहीं पहुंचाएंगी।

उन्होंने कहा कि पार्टी संगठन में और भविष्य में सरकार बनने की स्थिति में भी किसी एक व्यक्ति को उसकी योग्यता के आधार पर मौका दिया जा सकता है, लेकिन उसकी आड़ में परिवार के दूसरे सदस्यों को राजनीतिक लाभ नहीं दिया जाना चाहिए।

कांशीराम की विचारधारा का दिया हवाला

मायावती ने अपने फैसले को कांशीराम के परिवारवाद विरोधी रुख से जोड़ते हुए कहा कि वह उनकी शिष्या होने के नाते इसी सिद्धांत पर कायम हैं। उनका उद्देश्य BSP को परिवारवाद से मुक्त रखना और सर्वसमाज के अधिक से अधिक लोगों को सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति के आंदोलन से जोड़ना है।

कार्यकर्ताओं को भी किया अलर्ट

BSP प्रमुख ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कथित तौर पर पार्टी विरोधी ताकतों और जातिवादी मीडिया-सोशल मीडिया के “प्रोपेगंडा” से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अंबेडकरवादी मिशन के लिए पूरी ताकत से काम करने को कहा।

मायावती का यह बयान ऐसे समय आया है जब यूपी विधानसभा चुनाव करीब हैं और BSP अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रही है। आकाश आनंद के निष्कासन और अब परिवारवाद पर मायावती के स्पष्ट रुख ने पार्टी की आगे की रणनीति को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है।


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पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव पत्रकारिता में 7+ वर्षों का है और वे निष्पक्ष, भरोसेमंद और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कई पुरस्कार और मान्यता प्राप्त की है, जिनमें 2022 में “Best Investigative Journalist” और 2021 में “Top 10 Editors in Uttarakhand” शामिल हैं।
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