‘मोंथा’ का कहर: तेलंगाना में मूसलाधार बारिश, आंध्र में तीन की मौत, फसलों को भारी नुकसान
नई दिल्ली: भीषण चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ ने तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में तबाही मचाई है। तेलंगाना के कई हिस्सों में बुधवार को मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया, जबकि आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद तूफान ने तीन जानें लील लीं और फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया।
तेलंगाना में भारी बारिश, बाढ़ जैसी स्थिति:
‘मोंथा’ के प्रभाव से तेलंगाना के वारंगल, जनगांव, हनुमाकोंडा, महबुबाबाद, करीमनगर, सिद्दीपेट, राजन्ना सिरसिल्ला, यदाद्री भुवनागिरी, सूर्यापेट, नलगोंडा, खम्मम, नगरकुर्नूल, पेद्दापल्ली और भद्राद्री कोठागुडेम जैसे जिले भारी बारिश की चपेट में आ गए। हैदराबाद में भी बारिश ने लोगों को परेशान किया। तेलंगाना डेवलपमेंट प्लानिंग सोसाइटी के अनुसार, हनुमाकोंडा जिले के भीमादेवरपल्ले में 412.3 मिमी, वारंगल जिले के कलेदा में 382.3 मिमी, उरुस में 336.8 मिमी और रेडलावाड़ा में 333.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस भारी बारिश से जुड़ी घटनाओं में एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक अन्य के बह जाने की आशंका है।
आंध्र प्रदेश में तीन की मौत, तीन लाख रुपये का अनुग्रह
वहीं, आंध्र प्रदेश के तट को पार कर चुके ‘मोंथा’ के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान करें। मुख्यमंत्री को दी गई प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, तूफान से आंध्र प्रदेश में 87,000 हेक्टेयर भूमि की फसलें, 380 किलोमीटर पंचायती राज सड़कें, 2,300 किलोमीटर लंबी सड़क एवं भवन (आरएंडबी) विभाग की सड़कें और 14 पुल क्षतिग्रस्त हो गए। 304 मंडलों में धान, मक्का, कपास और उड़द की फसलें नष्ट हो गई हैं, जिससे 78,796 किसान प्रभावित हुए हैं। नायडू ने अधिकारियों को पांच दिनों में फसल नुकसान पर एक व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
87,000 हेक्टेयर फसलें बर्बाद, 1,460 करोड़ रुपये का नुकसान
अधिकारियों ने सड़कों और पुलों के क्षतिग्रस्त होने से 1,424 करोड़ रुपये तथा ग्रामीण जलापूर्ति अवसंरचना के प्रभावित होने से 36 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान लगाया है। चक्रवात के दौरान तीन लोगों की मौत के अलावा 42 पशु भी मारे गए। सरकार ने कहा कि एहतियाती उपायों के कारण नुकसान न्यूनतम रहा।
मुख्यमंत्री का हवाई दौरा, राहत शिविरों का निरीक्षण
मुख्यमंत्री नायडू ने चक्रवात प्रभावित स्थानों का हवाई दौरा किया और बापटला, पालनाडू, कृष्णा, कोनासीमा और एलुरु जिलों का दौरा किया। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि तट से टकराने पर तेज हवाएं चलीं, जबकि प्रकाशम और नेल्लोर जिलों में भारी बारिश हुई। हवा की गति 75 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई थी। घरों और मवेशियों को कम से कम नुकसान हुआ है, लेकिन जल निकासी व्यवस्था के अवरुद्ध होने जैसी बार-बार होने वाली नागरिक समस्याएं बनी हुई हैं।
अपने दौरे के दौरान, नायडू ने कोनासीमा जिले के अल्लावरम मंडल के ओडालारेवु गांव में एक राहत शिविर का दौरा किया, जहां उन्होंने विस्थापितों को 25 किलोग्राम चावल, अन्य वस्तुएं और 3,000 रुपये नकद प्रति परिवार वितरित किए। उन्होंने कहा कि यह राज्य के लिए एक बड़ी आपदा है, लेकिन वे कुछ हद तक नुकसान कम करने में कामयाब रहे और 1.8 लाख लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया।
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