नए साल 2026 के आगमन के साथ ही केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने देश के प्रशासनिक ढांचे में एक बड़ी ‘सर्जरी’ की है। 4 जनवरी 2026 को जारी एक आधिकारिक आदेश के तहत AGMUT कैडर (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) के 31 IAS और 18 IPS अधिकारियों का सामूहिक तबादला कर दिया गया है। गृह मंत्रालय का यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा।
दिल्ली में बड़ा उलटफेर: किसकी हुई घर वापसी, कौन गया बाहर?
इस फेरबदल का सबसे व्यापक असर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में देखने को मिला है। राजधानी में 15 IAS और 7 IPS अधिकारियों की नई तैनाती की गई है, जबकि 9 IAS और 5 IPS अधिकारियों को दिल्ली से बाहर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार के इस कदम का उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेशों में प्रशासनिक संतुलन को साधना और कार्यकुशलता को नई गति देना है। इस पूरी लिस्ट में सबसे चर्चित नाम 1994 बैच के IAS अधिकारी संजीव खिरवार का है, जो लद्दाख से वापस दिल्ली लौट आए हैं।
IAS-IPS ट्रांसफर की मुख्य झलकियां:
- दिल्ली में नई एंट्री: वरिष्ठ अधिकारी संजीव खिरवार (लद्दाख), संतोष डी वैद्य (जम्मू-कश्मीर) और पद्मा जायसवाल (पुडुचेरी) अब दिल्ली में कमान संभालेंगे।
- दिल्ली से विदाई: अश्वनी कुमार और आर एलिस वाज को जम्मू-कश्मीर भेजा गया है, जबकि शूरबीर सिंह अब लद्दाख की कमान संभालेंगे।
- सुर्खियों में संजीव खिरवार: साल 2022 में दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में कुत्ता घुमाने के विवाद के बाद उन्हें लद्दाख भेजा गया था, अब उनकी दिल्ली वापसी ने चर्चा छेड़ दी है।
- IPS बेड़े में बदलाव: दिल्ली से मंगेश कश्यप को अरुणाचल और राजीव रंजन सिंह को चंडीगढ़ भेजा गया है।
- रणनीतिक फोकस: यह रोटेशन मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और अंडमान जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए किया गया है।
IAS अधिकारियों के तबादले की पूरी लिस्ट (31 अधिकारी)
| नाम और बैच | वर्तमान तैनाती | नई तैनाती |
|---|---|---|
| अश्वनी कुमार (1992) | दिल्ली | जम्मू और कश्मीर |
| संजीव खिरवार (1994) | लद्दाख | दिल्ली |
| संतोष डी वैद्य (1998) | जम्मू और कश्मीर | दिल्ली |
| पद्मा जायसवाल (2003) | पुडुचेरी | दिल्ली |
| शूरबीर सिंह (2004) | दिल्ली | लद्दाख |
| आर एलिस वाज (2005) | दिल्ली | जम्मू और कश्मीर |
| यशपाल गर्ग (2008) | अरुणाचल प्रदेश | दिल्ली |
| संजीव आहूजा (2008) | गोवा | दिल्ली |
| नीरज कुमार (2010) | जम्मू और कश्मीर | दिल्ली |
| सैयद आबिद रशीद शाह (2012) | जम्मू और कश्मीर | चंडीगढ़ |
| सत्येंद्र सिंह दुरावत (2012) | अंडमान और निकोबार | दिल्ली |
| अमन गुप्ता (2013) | अंडमान और निकोबार | दिल्ली |
| राहुल सिंह (2013) | लक्षद्वीप | दिल्ली |
| अंजली सहरावत (2013) | दिल्ली | जम्मू और कश्मीर |
| हेमंत कुमार (2013) | दिल्ली | अंडमान और निकोबार |
| रवि दाधीच (2014) | दिल्ली | मिजोरम |
| किन्नी सिंह (2014) | दिल्ली | पुडुचेरी |
| सागर डी दत्तात्रय (2014) | DNH&DD | जम्मू और कश्मीर |
| अर्जुन शर्मा (2015) | अंडमान और निकोबार | दिल्ली |
| वंदना राव (2015) | दिल्ली | अंडमान और निकोबार |
| बसीर उल हक चौधरी (2015) | जम्मू और कश्मीर | लद्दाख |
| आकृति सागर (2016) | लद्दाख | गोवा |
| कुमार अभिषेक (2016) | अरुणाचल प्रदेश | जम्मू और कश्मीर |
| सलोनी राय (2016) | दिल्ली | जम्मू और कश्मीर |
| निखिल यू देसाई (2016) | जम्मू और कश्मीर | दिल्ली |
| अंकिता मिश्रा (2018) | DNH&DD | गोवा |
| हरि कल्लिक्का (2018) | गोवा | अरुणाचल प्रदेश |
| विशाखा यादव (2020) | चंडीगढ़ | दिल्ली |
| अज़हरुद्दीन ज़हीरुद्दीन काज़ी (2020) | अरुणाचल प्रदेश | दिल्ली |
| चीमला शिव गोपाल रेड्डी (2020) | अंडमान और निकोबार | दिल्ली |
| माइकल एम डिसूजा (2015) | लद्दाख | गोवा |
IPS अधिकारियों के तबादले की सूची (मुख्य नाम)
| नाम और बैच | वर्तमान तैनाती | नई तैनाती |
|---|---|---|
| मंगेश कश्यप (2009) | दिल्ली | अरुणाचल प्रदेश |
| राजीव रंजन सिंह (2010) | दिल्ली | चंडीगढ़ |
| प्रशांत प्रिया गौतम (2013) | दिल्ली | जम्मू और कश्मीर |
| अजीत कुमार सिंगला (2004) | पुडुचेरी | दिल्ली |
| आर पी मीणा (2013) | अरुणाचल प्रदेश | दिल्ली |
| राहुल अलवाल (2014) | मिजोरम | दिल्ली |
| एस एम प्रभुदेसाई (2014) | अरुणाचल प्रदेश | गोवा |
| राजिंदर कुमार गुप्ता (2014) | जम्मू और कश्मीर | पुडुचेरी |
| शोभित डी सक्सेना (2015) | जम्मू और कश्मीर | दिल्ली |
| निहारिका भट्ट (2015) | अंडमान और निकोबार | दिल्ली |
| सुधांशु धामा (2016) | अरुणाचल प्रदेश | जम्मू और कश्मीर |
| संध्या स्वामी (2016) | दिल्ली | अरुणाचल प्रदेश |
| सचिन कुमार सिंघल (2017) | अरुणाचल प्रदेश | दिल्ली |
| अक्षत कौशल (2018) | गोवा | अरुणाचल प्रदेश |
| श्रुति अरोड़ा (2018) | लद्दाख | गोवा |
| अचिन गर्ग (2019) | दिल्ली | अरुणाचल प्रदेश |
| सनी गुप्ता (2020) | अंडमान और निकोबार | जम्मू और कश्मीर |
| ईशा सिंह (2021) | पुडुचेरी | दिल्ली |
तबादलों के पीछे का रणनीतिक गणित: आखिर क्यों?
गृह मंत्रालय के इस बड़े आदेश के पीछे कई अहम कारण माने जा रहे हैं:
- प्रशासनिक कसावट: संवेदनशील इलाकों जैसे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अनुभवी चेहरों को भेजकर प्रशासन को चुस्त-दुरुस्त करना।
- दिल्ली में नई टीम: 2026 के चुनावी साल को देखते हुए दिल्ली प्रशासन में नई ऊर्जा और नए अनुभव वाले अधिकारियों की टीम तैयार करना।
- विवादास्पद वापसी का संदेश: संजीव खिरवार की दिल्ली वापसी को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं हैं, जिसे प्रशासन के ‘रोटेशन पॉलिसी’ के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
- कार्यकुशलता: फील्ड में काम कर चुके अधिकारियों को मुख्यालय लाना और मुख्यालय के अधिकारियों को फील्ड का अनुभव देना।
गृह मंत्रालय ने सभी मुख्य सचिवों और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि संबंधित अधिकारी तुरंत अपनी नई भूमिका में कार्यभार संभालें। अब देखना यह होगा कि यह नया प्रशासनिक चेहरा जनता के बीच कितनी मजबूती से उभरता है।
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