न्याय की बागडोर अब जस्टिस सूर्यकांत के हाथों में: 15 महीने के नव-आरंभ का सफ़र
सोमवार की सुबह, भारत ने एक नए युग का साक्षी बना। राष्ट्रपति भवन के भव्य प्रांगण में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जस्टिस सूर्यकांत को भारत के 53वें प्रधान न्यायाधीश (CJI) के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। यह क्षण न केवल कानूनी बिरादरी के लिए, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण था, क्योंकि इसी के साथ न्यायपालिका के सर्वोच्च पद पर जस्टिस सूर्यकांत के 15 महीने के कार्यकाल का शुभारंभ हुआ।
रविवार को, 65 वर्ष की आयु पूरी कर, प्रधान न्यायाधीश भूषण आर. गवई ने अपने पद से विदा ली, जिसके बाद यह महत्वपूर्ण रिक्ति उत्पन्न हुई थी। अब, जस्टिस सूर्यकांत इस प्रतिष्ठित पद को संभालेंगे और भारतीय न्यायपालिका के मार्गदर्शक बनेंगे। उनका यह 15 महीने का कार्यकाल, अपने आप में एक नई यात्रा का प्रतीक है, जहाँ वे न्याय के सिद्धांतों को बनाए रखने और उसे और सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाएंगे।
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