PM नेतन्याहू के फोन पर टेप का रहस्य: क्या आपका स्मार्टफोन भी कर रहा है आपकी जासूसी? जानें ‘कैमफेक्टिंग’ का बड़ा खतरा!

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PM नेतन्याहू के फोन पर टेप का रहस्य: क्या आपका स्मार्टफोन भी कर रहा है आपकी जासूसी? जानें ‘कैमफेक्टिंग’ का बड़ा खतरा!
फोन के कैमरे पर टेप लगाकर क्यों घूम रहे हैं PM नेतन्याहू? क्या आपका स्मार्टफोन भी कर रहा है जासूसी? जानें क्या है ‘कैमफेक्टिंग’

फोन के कैमरे पर टेप और मन में हैकर्स का डर: आखिर बेंजामिन नेतन्याहू को किससे है खतरा? जानें क्या है ‘कैमफेक्टिंग’

सोशल मीडिया पर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की एक तस्वीर ने नई बहस छेड़ दी है. ब्लैक जैकेट पहने फोन पर बात करते नेतन्याहू की इस फोटो में सबकी नजरें उनके स्मार्टफोन के पिछले हिस्से पर टिक गईं. चौंकाने वाली बात यह थी कि उनके फोन के कैमरों को टेप या स्टिकर से ढका गया था.

दुनियाभर में यह सवाल गूंज रहा है कि जिस देश ने ‘पेगासस’ जैसा अचूक जासूसी सॉफ्टवेयर बनाया और जो साइबर तकनीक का ‘सुपरपावर’ है, उसके प्रधानमंत्री को अपने ही फोन के कैमरे से इतना डर क्यों है? क्या यह डर वाजिब है और क्या हमें भी अपने कैमरों पर टेप लगा लेनी चाहिए?

क्या है ‘कैमफेक्टिंग’? वह अदृश्य आंख जो आप पर नजर रखती है

साइबर सुरक्षा की दुनिया में फोन या लैपटॉप के कैमरे को हैक करके जासूसी करने को ‘कैमफेक्टिंग’ (Camfecting) कहा जाता है. इस तकनीक के जरिए हैकर्स रिमोटली आपके कैमरे का कंट्रोल अपने हाथ में ले लेते हैं. सबसे डरावनी बात यह है कि आपको पता भी नहीं चलेगा और कोई आपकी निजी तस्वीरें खींच रहा होगा या वीडियो बना रहा होगा.

साइबर सुरक्षा दिग्गज ‘नॉर्टन’ (Norton) के मुताबिक, हैकर्स इसके लिए अक्सर ‘रिमोट एक्सेस ट्रोजन्स’ (RATs) नाम के खतरनाक वायरस का सहारा लेते हैं. हालांकि, वायरल तस्वीर की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि अवेयर मीडिया न्यूज़ नहीं करता है.

🇮🇱 Why does Netanyahu have tape over his phone camera? Who’s he worried about?
Also if the Prime Minister of Israel feels the need to do it, then what does that mean for the average person? pic.twitter.com/DVznM7uNBO

— Mario Nawfal (@MarioNawfal) January 27, 2026

साइबर के ‘उस्ताद’ इजरायल को आखिर किसका खौफ है?

इजरायल को साइबर वॉरफेयर का ग्लोबल लीडर माना जाता है, लेकिन वहां की सुरक्षा एजेंसियां भी चैन से नहीं बैठी हैं. साल 2025 में इजरायल के नेशनल साइबर डायरेक्टोरेट ने 26,000 से ज्यादा गंभीर साइबर हमलों का सामना किया. ‘हंडाला’ (Handala) नामक ईरानी हैकर ग्रुप ने तो यहां तक दावा किया था कि उन्होंने इजरायल के पूर्व मंत्रियों के फोन हैक कर उनकी पर्सनल फोटो लीक कर दी हैं.

YNet News के अनुसार, नेतन्याहू के चीफ ऑफ स्टाफ का फोन हैक होने की खबरें भी आ चुकी हैं. वहीं, एआई बॉट Grok का कहना है कि इजरायल में हाई-प्रोफाइल पदों पर बैठे लोगों के लिए कैमरे पर टेप लगाना एक ‘स्टैंडर्ड सिक्योरिटी प्रोटोकॉल’ है, ताकि किसी भी तरह की संवेदनशील खुफिया जानकारी लीक न हो.

जब एलीट क्लास को ही सॉफ्टवेयर पर भरोसा न रहे…

मशहूर बिजनेस इन्फ्लुएंसर मारियो नवल सहित कई विशेषज्ञों ने यह सवाल उठाया है कि अगर मोसाद और शिन बेट जैसी दुनिया की सबसे खतरनाक खुफिया एजेंसियों के सुरक्षा घेरे में रहने वाले पीएम को अपने फोन पर भरोसा नहीं है, तो आम आदमी की सुरक्षा का क्या? एक्सपर्ट्स मानते हैं कि जब सॉफ्टवेयर की बड़ी-बड़ी दीवारें ढह जाती हैं, तब यह मामूली सा ‘टेप’ ही सुरक्षा का आखिरी और सबसे मजबूत हथियार साबित होता है.

कैमफेक्टिंग की जासूसी से बचने के अचूक उपाय

अगर आप अपनी प्राइवेसी को लेकर फिक्रमंद हैं, तो इन सुरक्षा टिप्स को अपनाएं:

  • सस्ता और पक्का जुगाड़: वही करें जो पीएम नेतन्याहू ने किया—फोन और लैपटॉप के कैमरे पर एक छोटा स्टिकर या टेप लगा दें.
  • सॉफ्टवेयर अपडेट: साइबर फर्म मैकाफी (McAfee) का सुझाव है कि फोन का ऑपरेटिंग सिस्टम हमेशा अपडेट रखें. पुराने वर्जन में सेंध लगाना आसान होता है.
  • परमिशन पर नजर: सेटिंग्स में जाकर जांचें कि किन ऐप्स को कैमरे का एक्सेस मिला है. अनावश्यक ऐप्स की कैमरा परमिशन तुरंत बंद करें.
  • खतरनाक लिंक्स से तौबा: किसी अनजान लिंक या संदिग्ध ईमेल अटैचमेंट को न खोलें. ऐप्स हमेशा आधिकारिक स्टोर से ही डाउनलोड करें.
  • पब्लिक वाई-फाई: खुले वाई-फाई नेटवर्क का उपयोग जोखिम भरा हो सकता है. अगर जरूरी हो, तो VPN का इस्तेमाल करें.

बजट-26 की हर परत का विश्लेषण

फोन के कैमरे पर टेप लगाकर क्यों घूम रहे हैं PM नेतन्याहू? क्या आपका स्मार्टफोन भी कर रहा है जासूसी? जानें क्या है ‘कैमफेक्टिंग’

वहम या हकीकत: क्या वाकई जरूरी है टेप?

द वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, हैकर्स अक्सर सिस्टम की कमजोरियों को सरकारों या ऊंचे दामों पर बेच देते हैं. डिजिटल फॉरेंसिक एक्सपर्ट सनी नेहरा ने बताया कि कैमरे को ढकना एक भौतिक सुरक्षा (Physical Security) है, जो हैक होने की स्थिति में भी आपकी गोपनीयता की रक्षा करती है. सच तो यह है कि इंटरनेट की दुनिया में 100% प्राइवेसी एक कल्पना मात्र है, लेकिन सुरक्षा के लिए उठाया गया एक छोटा सा कदम—जैसे टेप का टुकड़ा—बड़े संकट को टाल सकता है.

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