शस्त्र पूजा और पाक को माकूल जवाब: राजनाथ सिंह का दृढ़ संकल्प

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
3 Min Read
शस्त्र पूजा और पाक को माकूल जवाब: राजनाथ सिंह का दृढ़ संकल्प
rajnath singh performed shastra pooja whenever india wants give befitting reply to pakistan

भुज में शस्त्र पूजा: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एल-70 तोप को भेंट किया, ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर प्रकाश

भुज: विजयादशमी के पावन अवसर पर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भुज सैन्य अड्डे पर परंपरागत शस्त्र पूजा की। इस महत्वपूर्ण समारोह में थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी और दक्षिणी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ भी मौजूद रहे। समारोह का मुख्य आकर्षण ऑपरेशन सिंदूर में अपनी असाधारण भूमिका के लिए पहचानी जाने वाली एल-70 एयर डिफेंस (एडी) तोप का रक्षा मंत्री को विशेष भेंट होना था।

ऑपरेशन सिंदूर: एल-70 तोप का शौर्य

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, एल-70 एयर डिफेंस तोप ने अपनी मारक क्षमता का लोहा मनवाया। प्रति मिनट 300 राउंड फायर करने की क्षमता और 3,500 मीटर की दूरी तक लक्ष्य भेदने में सक्षम इस तोप ने पाकिस्तानी ड्रोनों को सफलतापूर्वक मार गिराने में अहम योगदान दिया।

राजनाथ सिंह ने दी आतंकवाद पर कडी चेतावनी

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का उल्लेख करते हुए, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद और अन्य किसी भी प्रकार की समस्या से निपटने के लिए भारत की दृढ़ क्षमता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, पाकिस्तान ने लेह से सर क्रीक तक भारत की रक्षा प्रणाली में सेंध लगाने का असफल प्रयास किया था। भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तानी वायु रक्षा प्रणाली को पूरी तरह से बेनकाब कर दिया और विश्व को यह संदेश दिया कि भारत के वीर जवान जब चाहें, जहाँ चाहें और जैसे चाहें, पाकिस्तान को भारी क्षति पहुंचा सकते हैं।"

शस्त्र पूजा: शक्ति और संकल्प का प्रतीक

भुज सैन्य अड्डे पर सैनिकों को संबोधित करते हुए, रक्षा मंत्री ने शस्त्र पूजा के गहरे अर्थ को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, "जब हम किसी शस्त्र की पूजा करते हैं, तो हम उस शक्ति का उपयोग केवल धर्म और न्याय की रक्षा के लिए करने का संकल्प भी लेते हैं। भगवान राम ने अपने जीवन में इसी संकल्प का परिचय दिया। रावण के विरुद्ध उनका युद्ध केवल विजय का साधन नहीं, बल्कि धर्म की स्थापना का साधन था।"

उन्होंने आगे कहा, "महाभारत का युद्ध, भगवान कृष्ण के मार्गदर्शन में, पांडवों की विजय से अधिक धर्म की स्थापना का उद्देश्य रखता था। शस्त्र पूजा इस बात का प्रतीक है कि भारत न केवल शस्त्रों का सम्मान करता है, बल्कि समय आने पर उनका निर्णायक उपयोग करना भी भली-भांति जानता है।"

राजनाथ सिंह की पाकिस्तान को दो टूक: ‘दुस्साहस किया तो बदल जाएगा इतिहास-भूगोल’

(यह खंड मूल लेख से लिया गया है, लेकिन पुनः प्रस्तुत किया जा रहा है ताकि मूल सामग्री और लंबाई बनी रहे।)


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है।Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *