युवाओं की आवाज: तेलंगाना विधानसभा में चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु घटाने की मांग, सीएम रेवंत रेड्डी ने उठाया मुद्दा
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने एक साहसिक कदम उठाते हुए रविवार को घोषणा की कि राज्य विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित कर संविधान में संशोधन की मांग की जाएगी। इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष से घटाकर 21 वर्ष करना है। सीएम रेड्डी का यह प्रस्ताव समय की मांग है और यह इस विचार को रेखांकित करता है कि आज के युवाओं को देश की सक्रिय राजनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए।
यह महत्वपूर्ण घोषणा मुख्यमंत्री ने ‘राजीव गांधी सद्भावना यात्रा’ स्मृति दिवस के अवसर पर की, जहां उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद को ‘राजीव गांधी सद्भावना पुरस्कार’ से सम्मानित किया। इसी मंच से उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस ऐतिहासिक निर्णय की सराहना की, जिसमें मतदान की न्यूनतम आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दी गई थी। सीएम रेड्डी ने इस कदम को संसदीय लोकतांत्रिक भावना को मजबूत करने की दिशा में एक मील का पत्थर बताया।
मुख्यमंत्री रेड्डी ने अपने तर्कों को और पुख्ता करते हुए कहा कि 21 वर्ष की आयु में युवा सफलतापूर्वक आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के रूप में जिलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, तो फिर वे विधायक बनने के योग्य क्यों नहीं हो सकते? उन्होंने जोर देकर कहा, “युवाओं को देश चलाने का अवसर दिया जाना चाहिए।”
इस बीच, मुख्यमंत्री रेड्डी ने विपक्षी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीआरएस जुबली हिल्स विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में वोटों को बांटने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘बी’ टीम के रूप में काम कर रही है। सीएम रेड्डी ने आगे आरोप लगाया कि बीआरएस ने 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के साथ एक गुप्त समझौता किया था। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में भाजपा को मिले 21 प्रतिशत वोटों का हस्तांतरण, राज्य में बीआरएस पार्टी की साजिश भरी राजनीति का एक स्पष्ट प्रमाण है।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


