घर के बगीचे को हरा-भरा रखने के शौकीन अक्सर पौधों की थमी हुई ग्रोथ और वक्त से पहले गिरती कलियों को देख परेशान हो जाते हैं। दरअसल, वक्त बीतने के साथ मिट्टी की प्राकृतिक ताकत कम होने लगती है, जिसे सिर्फ पानी के सहारे दोबारा नहीं पाया जा सकता। पौधों को जड़ों से फौलादी बनाने और उनमें नई जान फूंकने के लिए मिट्टी की उर्वरता बढ़ाना अनिवार्य है।
चाहे वह ऊपर चढ़ती बेलें हों या खिलखिलाते फूलों के गमले, सही खाद का संतुलित इस्तेमाल बगीचे में जादुई बदलाव ला सकता है। हालांकि, खादों का प्रयोग करते समय मौसम और पौधे की विशिष्ट जरूरतों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
## सीवीड फर्टिलाइजर
सीवीड फर्टिलाइजर पौधों के लिए किसी ‘हेल्थ टॉनिक’ से कम नहीं है। यह एक ठंडी खाद है जो पौधों को धीरे-धीरे जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्व प्रदान करती है। इसे इस्तेमाल करने के लिए 1 लीटर पानी में 10 ग्राम सीवीड घोलें और सामान्य सिंचाई की तरह पौधों में डाल दें। इसका प्रयोग 6 महीने में सिर्फ एक बार करना ही पर्याप्त है। आप इसे सीधे मिट्टी में छिड़क कर भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
## डीएपी (DAP)
अगर आपके चहेते पौधे अचानक सूखने या मुरझाने लगें, तो ‘इमरजेंसी बूस्टर’ के तौर पर डीएपी का उपयोग करें। यह पौधों को तत्काल ऊर्जा देने का काम करता है। इसे पानी में घोलकर सीधे जड़ों के पास डालें। यह खास तौर पर फूलों वाले पौधों की जड़ों के तेजी से विस्तार और मजबूती के लिए सबसे असरदार माना जाता है।
## रॉक फास्फेट
यदि आप डीएपी जैसे रासायनिक विकल्पों से बचना चाहते हैं, तो रॉक फास्फेट एक शानदार चुनाव है। इसे आप सीधे मिट्टी में मिला सकते हैं या पानी के साथ दे सकते हैं। ध्यान रहे कि इसके बेहतर सक्रियण के लिए गमले की मिट्टी में हल्की नमी होना अनिवार्य है। सूखी मिट्टी की तुलना में यह नम मिट्टी में अधिक प्रभावी ढंग से काम करता है।
## एप्सम सॉल्ट
बेल वाली किस्मों और सब्जियों के लिए मैग्नीशियम सल्फेट से भरपूर एप्सम सॉल्ट किसी वरदान की तरह है। यह पत्तियों में क्लोरोफिल और प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया को तेज कर उन्हें गहरा हरा बनाए रखता है। 1 लीटर पानी में मात्र 3 से 5 ग्राम एप्सम सॉल्ट घोलकर डालें। मनी प्लांट और सब्जियों की बेलों के लिए यह सबसे बेहतरीन खाद है।
## सरसों की खली
फल और फूलों के लिए सरसों की खली सबसे शक्तिशाली और ‘गर्म’ खाद मानी जाती है, जिसका असर महज 5 दिनों में दिखने लगता है। इसके इस्तेमाल के लिए 100 ग्राम खली को 1 लीटर पानी में 3 दिनों तक भिगोकर रखें। फिर इस गाढ़े घोल को 10 लीटर सादे पानी में मिलाकर काफी पतला कर लें और पौधों में डालें। याद रखें, इस खाद का प्रयोग केवल सर्दियों या ठंडे मौसम में ही करना सुरक्षित है।
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