राहुल गांधी के खुलासे से चुनावी ‘फर्जीवाड़े’ का पर्दाफाश: 25 लाख फर्जी वोटर, चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने राहुल गांधी द्वारा हरियाणा में ‘वोट चोरी’ के आरोपों के बाद बुधवार को केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखे वार किए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का ‘मॉडल’ साफ है कि यदि जनसमर्थन न मिले, तो सीधे मतदाता सूची में ही हेरफेर कर दिया जाए। रमेश के अनुसार, राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने भारत के सबसे बड़े चुनावी ‘फर्जीवाड़े’ का पर्दाफाश किया है, जिसमें हरियाणा में 25 लाख फर्जी वोटर, भाजपा की पूरी जानकारी और चुनाव आयोग की मूक सहमति से तैयार किए गए।
‘वोट चोरी’ एक व्यवस्था बन चुकी है: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने ‘वोट चोरी’ के खिलाफ अपनी मुहिम को जारी रखते हुए हरियाणा की मतदाता सूची से जुड़े चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए। उन्होंने दावा किया कि पिछले साल हुए राज्य विधानसभा चुनाव को 25 लाख फर्जी मतों के जरिए ‘चोरी’ किया गया था। उन्होंने चुनाव आयोग पर भाजपा के साथ मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाया और कहा कि न केवल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी पद पर वैध रूप से नहीं हैं।
राहुल गांधी ने एक विस्तृत प्रस्तुति के माध्यम से यह दावा किया कि हरियाणा विधानसभा चुनाव ‘चोरी’ किया गया था। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दो निर्वाचन आयुक्तों की तस्वीर की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, “यह बहुत स्पष्ट है कि वोट चोरी के लिए कौन जिम्मेदार है। इन सज्जनों ने यह सुनिश्चित करने के लिए भाजपा के साथ मिलीभगत की कि कांग्रेस हरियाणा में चुनाव नहीं जीत सके। निर्वाचन आयोग ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री (अमित शाह) के साथ साझेदारी की है और उन्होंने इस देश की लोकतांत्रिक बुनियाद को नष्ट कर दिया है।”
‘वोट चोरी’ का औद्योगीकरण, बिहार में भी दोहराए जाने की आशंका
गांधी ने चिंता व्यक्त की, “हमारे सामने यह स्पष्ट है कि ‘वोट चोरी’ अब एक व्यवस्था बन गई है। यह औद्योगीकरण का रूप ले चुका है और इसका उपयोग किसी भी राज्य में किया जा सकता है। इसका उपयोग बिहार में होने जा रहा है और मुझे विश्वास है कि बिहार चुनाव के बाद हमें वही रिकॉर्ड मिलेंगे।”
एक सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने कहा, “एक देशभक्त भारतीय के रूप में यह मेरा कर्तव्य है और विपक्ष के नेता के रूप में मेरी भूमिका आपको हकीकत की उस दुनिया से अवगत कराना है जिसमें आप रह रहे हैं। विपक्ष कैसे आगे बढ़ता है, हम उस पर समन्वय करेंगे और मिलकर काम करेंगे।”
इस पूरे मामले में, चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठना लाजिमी है। वहीं, जयराम रमेश ने भी कड़े शब्दों में कहा, “वही चुनाव आयोग जो नफरत भरे भाषणों पर सोया रहता है, वह असली मतदाताओं को सूची से हटाने और नकली मतदाता जोड़ने में अचानक सक्रिय हो जाता है। यह मतदाता सूची का संशोधन नहीं, यह वोट चोरी है।”
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