अब बदरीनाथ धाम का सफर होगा और भी आसान: गौचर से भरें आसमान की उड़ान, जानें क्या है सरकार की नई तैयारी
देवभूमि उत्तराखंड की पावन चारधाम यात्रा को अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब बाबा केदार के साथ-साथ श्रद्धालु भगवान बदरी विशाल के दर्शन भी हेलीकॉप्टर के जरिए कर सकेंगे। सरकार ने बदरीनाथ धाम के लिए हेली शटल सेवा शुरू करने का जिम्मा ‘थंपी एविएशन’ को सौंपा है। इस नई सेवा के तहत गौचर से बदरीनाथ तक के एकतरफा सफर के लिए श्रद्धालुओं को लगभग 11,000 रुपये का किराया देना होगा।
इस साल अप्रैल में कपाट खुलते ही चारधाम यात्रा का भव्य आगाज हो जाएगा। वर्तमान में हेली सेवा केवल केदारनाथ धाम के लिए फाटा, सिरसी और गुप्तकाशी से संचालित होती है, जिससे हजारों तीर्थयात्री लाभान्वित हो रहे हैं। इसी सफलता को देखते हुए सरकार अब बदरीनाथ और यमुनोत्री धाम के लिए भी यह सुविधा देने जा रही है। हालांकि, यमुनोत्री के लिए कुछ तकनीकी अड़चनों के कारण अभी थोड़ा इंतजार करना होगा, लेकिन बदरीनाथ के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
22 मिनट में तय होगा बदरीनाथ का सफर
बदरीनाथ हेली सेवा के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। गौचर से बदरीनाथ की यह हवाई दूरी महज 22 मिनट में तय होगी। केदारनाथ की तुलना में बदरीनाथ का हवाई सफर लंबा है, इसलिए यहां का किराया भी थोड़ा अधिक रखा गया है। बता दें कि केदारनाथ के लिए उड़ान का समय अधिकतम 15 मिनट होता है। इन सभी सेवाओं की बुकिंग पहले की तरह आईआरसीटीसी (IRCTC) की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही की जा सकेगी।
क्या कहते हैं अधिकारी?
यूकाडा के मुख्य अधिशासी अधिकारी (CEO) आशीष चौहान ने पुष्टि की है कि बदरीनाथ के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि इस आगामी यात्रा सीजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गौचर से बदरीनाथ के बीच शटल सेवा को सुचारू रूप से शुरू कर दिया जाएगा।
केदारनाथ हेली सेवा: किराए में स्थिरता की उम्मीद
बीते वर्ष हुई कुछ हवाई दुर्घटनाओं के बाद सुरक्षा मानकों को देखते हुए यूकाडा ने केदारनाथ में दूसरे चरण की उड़ानों में 30 प्रतिशत की कटौती की थी और किराए में लगभग 50 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई थी। इस वर्ष केदारनाथ धाम के लिए नए सिरे से टेंडर आमंत्रित किए जा रहे हैं। चूंकि पिछले साल ही किराए में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हो चुकी थी, इसलिए इस बार टेंडर में बेस किराया पिछले वर्ष के समान ही रखा गया है। हालांकि, किराए की वास्तविक दरें टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और अंतिम मुहर लगने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।
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