ज्ञान और समय का संगम: 21 नवंबर 2025 का पंचांग
लेखक: पी. चक्रपाणि उपाध्याय
दिनांक: शुक्रवार, 21 नवंबर 2025, 5:31 [IST]
मार्गशीर्ष मास का आगमन और शुभता का संकेत
21 नवंबर 2025 को, हिंदू कैलेंडर में एक विशेष दिन है। यह विक्रम संवत 2082, ‘कलायुक्त’ के अनुसार, प्रतिपदा तिथि और शुक्ल पक्ष के साथ मार्गशीर्ष महीने की शुरुआत का प्रतीक है। यह दिन ‘इष्टि’ के त्यौहार से भी जुड़ा है, जो इस अवधि के धार्मिक महत्व को बढ़ाता है। ग्रहों की स्थिति के अनुसार, सूर्य वृश्चिक राशि में विराजमान हैं, जो इस दिन की ऊर्जा को और भी तीव्र बनाता है। यह दिन न केवल धार्मिक अनुष्ठानों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह विभिन्न सांस्कृतिक प्रथाओं को भी दिशा निर्देश देता है।
🌞 सूर्योदय और चंद्रोदय 🌙
- सूर्योदय: 06:19 पूर्वाह्न
- सूर्यास्त: 05:08 अपराह्न
- चंद्रोदय: 07:11 पूर्वाह्न
- चंद्रास्त: 05:41 अपराह्न
📅 पंचांग 🗓️
- तिथि: प्रतिपदा 02:47 PM तक, द्वितीया
- नक्षत्र: अनुराधा 01:56 PM तक, ज्येष्ठा
- योग: अतिगंडा प्रातः 10:44 बजे तक, सुकर्मा
- करण: बावा 02:47 अपराह्न तक, बलवा 04:00 पूर्वाह्न (22 नवंबर) तक, कौलावा
- काम करने के दिन: शुक्रवार
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
🌙 चंद्र विवरण, वर्ष और अवधि 🗓️
- विक्रम संवत: 2082 कलायुक्त
- संवत्सर: कालायुक्त (अप्रैल 25, 2025 तक), सिद्धार्थ
- शक संवत: 1947 विश्वावसु, सिद्धार्थ
- गुजराती संवत: 2082 पिंगला
- चंद्रमास: मार्गशीर्ष – पूर्णिमांत, मार्गशीर्ष – अमांत
- दाएँ / गेट: 6
♈️ राशि और नक्षत्र 🌟
- राशि: वृश्चिक
- सूर्य राशि: वृश्चिक
- सूर्य नक्षत्र: अनुराधा
- सूर्य पद: अनुराधा
- नक्षत्र पद: अनुराधा सुबह 07:12 बजे तक
- अनुराधा: दोपहर 01:56 बजे तक
- ज्येष्ठ: रात्रि 08:39 बजे तक
- ज्येष्ठ: प्रातः 03:22 बजे तक (22 नवंबर)
- ज्येष्ठ:
🍃 रितु और अयाना ☀️
- द्रिक ऋतू: हेमंत (शीतकालीन पूर्व)
- वैदिक ऋतू: हेमंत (शीतकालीन पूर्व)
- द्रिक अयाना: दक्षिणायन
- वैदिक अयन: दक्षिणायन
- दिनामाना: 10 घंटे 48 मिनट 52 सेकंड
- रात्रिमान: 13 घंटे 11 मिनट 51 सेकंड
- मध्याह्न: 11:44 पूर्वाह्न
😇 शुभ समय 🙏
- ब्रह्म मुहूर्त: 04:34 पूर्वाह्न से 05:27 पूर्वाह्न तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:00 बजे से सुबह 6:19 बजे तक
- अभिजीत: सुबह 11:22 से दोपहर 12:05 बजे तक
- विजय मुहूर्त: 01:32 अपराह्न से 02:15 अपराह्न तक
- गोधूलि मुहूर्त: 05:08 अपराह्न से 05:35 अपराह्न तक
- सायाहना संध्या: 05:08 अपराह्न से 06:27 अपराह्न तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 6:19 से दोपहर 1:56 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: 11:18 PM से 12:11 AM (22 नवंबर) तक
👿 अशुभ समय 😈
- राहु कालम्: सुबह 10:23 से 11:44 बजे तक
- यमागांडा: 02:26 अपराह्न से 03:47 अपराह्न तक
- आदल योग: दोपहर 01:56 से सुबह 06:20 तक (22 नवंबर)
- दुर मुहूर्तम: 08:29 पूर्वाह्न से 09:12 पूर्वाह्न तक
- गुलिकाई कलम: सुबह 7:40 से 9:02 बजे तक
- गुलिकाई कलम: दोपहर 12:05 से 12:49 बजे तक
- वर्ज्यम: 08:11 अपराह्न से 09:59 अपराह्न तक
- विंचुडो: पूरे दिन
- गंदा मूला: दोपहर 01:56 से सुबह 06:20 तक (22 नवंबर)
- बाना राजा: दोपहर 12:41 बजे तक
🏠 निवास और शूल ⚔️
- होमाहुति: सूरज
- दिशा: पश्चिम
- अग्निवास: पृथ्वी (दोपहर 02:47 बजे तक), आकाश (स्वर्ग)
- नक्षत्र निवास: पूर्व में दोपहर 01:56 बजे से पूरी रात तक
- आकाश (स्वर्ग):
- चंद्र वासा: उत्तर
- शिववास: शमशान में दोपहर 02:47 बजे तक, गौरी के साथ
- राहु वास: दक्षिण पूर्व
- कुंभ चक्र: पूर्व में दोपहर 01:56 बजे तक
🗓️ अन्य कैलेंडर और युग 🌍
- कलियुग: 5126 वर्ष
- लाहिड़ी अयनांशा: 24.225465
- काली अहरगना: 1872535 दिन
- राटा डाई: 739576
- जूलियन कैलेण्डर का दिन: 8 नवंबर, 2025 ई.
- जूलियन डे: 2461000.5 दिन
- राष्ट्रीय नागरिक तिथि: कार्तिक 30, 1947 शक
- संशोधित जूलियन दिवस: 61000 दिन
- राष्ट्रीय निरयण तिथि: मार्गशीर्ष 07, 1947 शक
💫चंद्रबलम और ताराबलम ✨
- चंद्रबलम: वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुंभ के लिए अगले दिन सूर्योदय तक अच्छा चंद्रबलम।
- विशेष: मेष राशि में जन्मे जातकों के लिए अष्टम चंद्र; अश्विनी, भरणी और कृत्तिका के प्रथम पाद के लिए अष्टम चंद्र।
- ताराबलम (पहला): अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूला, उत्तरा आषाढ़, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती के लिए दोपहर 01:56 बजे तक शुभ ताराबलम।
- ताराबलम (दूसरा): अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूला, पूर्वा आषाढ़, श्रवण, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद के लिए अगले दिन सूर्योदय तक शुभ ताराबलम।
⏱️ पंचक रहित मुहूर्त एवं उदय लग्न 🌄
दिन के लिए पंचक रहित मुहूर्त:
- शुभ मुहूर्त: सुबह 06:19 से सुबह 08:17 तक
- चोरा पंचक: प्रातः 08:17 बजे से प्रातः 10:22 बजे तक
- शुभ मुहूर्त: सुबह 10:22 से दोपहर 12:07 बजे तक
- रोग पंचक: दोपहर 12:07 बजे से दोपहर 01:38 बजे तक
- शुभ मुहूर्त: दोपहर 01:38 से 01:56 बजे तक
- मृत्यु पंचक: 01:56 PM से 02:47 PM तक
- अग्नि पंचक: 02:47 PM से 03:06 PM तक
- शुभ मुहूर्त: दोपहर 03:06 बजे से शाम 04:45 बजे तक
- मृत्यु पंचक: शाम 04:45 बजे से शाम 06:42 बजे तक
- अग्नि पंचक: शाम 06:42 बजे से रात 08:56 बजे तक
- शुभ मुहूर्त: रात्रि 08:56 से 11:13 बजे तक
- राज पंचक: रात्रि 11:13 से रात्रि 01:27 तक (22 नवंबर)
- शुभ मुहूर्त: 01:27 AM (22 नवंबर) से 03:40 AM (22 नवंबर) तक
- चोरा पंचक: प्रातः 03:40 (नवंबर 22) से प्रातः 05:57 (नवंबर 22) तक
- शुभ मुहूर्त: सुबह 05:57 बजे (22 नवंबर) से सुबह 06:20 बजे (22 नवंबर) तक
दिन के लिए उदय लग्न मुहूर्त:
- वृश्चिक: प्रातः 06:01 बजे से प्रातः 08:17 बजे तक
- धनु: सुबह 8:17 से 10:22 तक
- मकर: सुबह 10:22 से दोपहर 12:07 तक
- कुंभ: दोपहर 12:07 से दोपहर 01:38 तक
- मीना: दोपहर 01:38 से 03:06 बजे तक
- मेष: दोपहर 03:06 से शाम 04:45 तक
- वृषभ: शाम 04:45 बजे से शाम 06:42 बजे तक
- मिथुन: शाम 6:42 से रात 8:56 तक
- कर्क: रात्रि 08:56 से 11:13 बजे तक
- सिंह: रात्रि 11:13 से रात्रि 01:27 तक (22 नवंबर)
- कन्या: 01:27 पूर्वाह्न (22 नवंबर) से 03:40 पूर्वाह्न (22 नवंबर) तक
- तुला: 03:40 AM (22 नवंबर) से 05:57 AM (22 नवंबर) तक
🎉 दिन के कार्यक्रम 🎊
नोट: सभी समय वाराणसी को केंद्र मानकर भारतीय स्थानीय समय के अनुसार 12 घंटे के प्रारूप में दिखाए गए हैं। आधी रात (12 बजे) के बाद के घंटों को अगले दिन की तारीख के साथ अंकित किया जाता है। पंचांग में, एक दिन सूर्योदय से शुरू होता है और अगले सूर्योदय पर समाप्त होता है।
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