विश्व कप: अजेय रथ पर सवार भारतीय महिला टीम के सामने अब इंग्लैंड की चुनौती, ‘मिशन टॉप’ पर निगाहें
नई दिल्ली: शानदार लय और बुलंद हौसलों के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम एफआईएच विश्व कप के अपने अंतिम ग्रुप मैच में बृहस्पतिवार को इंग्लैंड के सामने होगी। पूल-D में शीर्ष पर काबिज भारत की कोशिश न केवल अपनी बादशाहत बरकरार रखने की होगी, बल्कि वह अजेय रहते हुए सीधे दूसरे दौर में प्रवेश करने के इरादे से मैदान में उतरेगी।
टूर्नामेंट के अपने पहले ही मैच में ओलंपिक रजत पदक विजेता और दुनिया की चौथे नंबर की टीम चीन को 2-2 की बराबरी पर रोककर भारत ने अपने इरादे साफ कर दिए थे। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से रौंदकर टीम इंडिया ने अपना गोल औसत सबसे बेहतर कर लिया है। वर्तमान में, भारत और चीन दोनों के पास चार-चार अंक हैं, लेकिन बेहतर गोल अंतर (+5) के कारण भारत शीर्ष पर है। चीन का गोल अंतर +2 है।
समीकरण दिलचस्प हैं; चीन से हारने वाली इंग्लैंड की टीम तीन अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है और उसके लिए यह मैच ‘करो या मरो’ जैसा है। वहीं, भारत अगर यह मैच ड्रॉ भी खेलता है, तो भी अगले दौर में पहुंच जाएगा। दक्षिण अफ्रीका पहले ही दौड़ से बाहर हो चुका है। कोच शोर्ड मारिन की इस टीम ने अब तक अपने खेल से विशेषज्ञों को प्रभावित किया है। विशेष रूप से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में छह अलग-अलग खिलाड़ियों द्वारा किए गए गोल टीम वर्क की बेहतरीन मिसाल पेश करते हैं।
इस टीम की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें 11 खिलाड़ी ऐसी हैं जो अपना पहला विश्व कप खेल रही हैं, लेकिन उनके खेल में दबाव का नामोनिशान नहीं है। स्टार ड्रैग फ्लिकर दीपिका और शानदार फॉर्म में चल रही नवनीत कौर (दोनों के दो-दो गोल) ने पेनल्टी कॉर्नर को भारत की ताकत बना दिया है। वहीं, गोल पोस्ट के सामने बिछू देवी और 300 से अधिक मैचों का अनुभव रखने वाली कप्तान सविता पूनिया की दीवार को भेदना किसी भी टीम के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।
हालांकि, इंग्लैंड के खिलाफ चुनौती कड़ी होगी। इसी साल विश्व कप क्वालीफायर में इंग्लैंड ने भारत को 2-0 से शिकस्त दी थी, जिसका बदला लेने के लिए भारतीय टीम बेताब होगी। सुशीला चानू की अगुवाई में भारतीय डिफेंस ने अब तक मुस्तैदी दिखाई है, और नवनीत कौर अपनी फुर्ती से विपक्षी घेरे में लगातार सेंध लगा रही हैं। फॉरवर्ड लाइन में लालरेम्सियामी और सुनेलिटा टोप्पो की जुगलबंदी पर भी सबकी नजरें टिकी होंगी।
कोच मारिन ने टीम को आगाह करते हुए कहा, “हमें पिछली जीत पर संतोष करके नहीं बैठना है। इंग्लैंड एक उच्च रैंक वाली टीम है और हमें अपनी पासिंग में सुधार करना होगा।” वहीं, आत्मविश्वास से लबरेज कप्तान सविता पूनिया ने एक बड़ी विरासत की ओर इशारा करते हुए कहा, “टोक्यो ओलंपिक की तरह इस बार भी हम दुनिया को चौंकाना चाहते हैं। हमारा लक्ष्य पोडियम तक पहुंचना है ताकि भारतीय महिला हॉकी की भी एक समृद्ध पहचान बने।”
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