हड़कंप: ट्रंप की ओमान पर बमबारी की धमकी; होर्मुज जलडमरूमध्य को ‘अमेरिकी इलाका’ बनाने पर छिड़ा महासंग्राम
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओमान के खिलाफ युद्ध की आहट दे दी है। ट्रंप ने ओमान पर बमबारी करने की धमकी दी है, क्योंकि वह ईरान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए किए जा रहे समझौतों से बेहद नाराज हैं। क्षेत्र में तैनात दो अधिकारियों ने मंगलवार को इस तनाव की पुष्टि की है। अधिकारियों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने ओमान को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि वह उस आगामी समझौते का विरोध करता है जिसकी घोषणा अभी होनी बाकी है।
इस विवाद की जड़ वह समझौता है, जिसमें तेल और प्राकृतिक गैस की वैश्विक आपूर्ति के लिए जीवनरेखा माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य का प्रबंधन ईरान और ओमान द्वारा संयुक्त रूप से करने का प्रस्ताव है। अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका और ओमान के अलग-अलग रुखों को लेकर प्रशासन के कड़े विचार सामने आ चुके हैं। इसी बीच, तनाव के बीच ब्रिटिश सेना की समुद्री निगरानी एजेंसी ने खबर दी है कि जलडमरूमध्य से बाहर निकलते समय एक जहाज पर हमला किया गया है।
दूसरी ओर, ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि जब तक अमेरिका उसकी शर्तें पूरी नहीं करता, तब तक यह महत्वपूर्ण जलमार्ग फिर से नहीं खुलेगा। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि ईरान की ओर से उसके देश पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई हैं। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ओमान, ईरान के साथ चल रही बातचीत में पर्याप्त सख्ती नहीं दिखा रहा है।
ट्रंप की नाराजगी की एक बड़ी वजह वह समझौता भी है, जिसके तहत जहाजों से सुरक्षा और समुद्री पर्यावरण की रक्षा के नाम पर स्वैच्छिक शुल्क लिया जाना है। ट्रंप ने सोमवार को ओमान पर बम गिराने की धमकी दी थी, क्योंकि ओमान ईरान के साथ मिलकर युद्ध समाप्त करने और बातचीत के रास्ते खोलने की कोशिश कर रहा है। मंगलवार को ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक नक्शा साझा किया, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को ‘अमेरिकी इलाका’ के रूप में दिखाया गया था।
राष्ट्रपति ने इस विचार का संकेत पिछले हफ्ते एक अनौपचारिक बातचीत के दौरान दिया था। ओवल ऑफिस में संवाददाताओं से बात करते हुए, बिना किसी विस्तार के ट्रंप ने बस इतना कहा, “मुझे इसे एक अमेरिकी इलाका घोषित करने का विचार पसंद है।”
ट्रंप की इस पोस्ट पर ईरान के उप-विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “जिस तरह ट्रंप ने फारस की खाड़ी का नाम सही लिखा, उसी तरह होर्मुज जलडमरूमध्य के बारे में उनकी गलतफहमी भी जल्द ही या तो ठीक हो जाएगी, या फिर हम इस गलतफहमी में जी रहे व्यक्ति की गलतफहमी को दूर कर देंगे।”
मंगलवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ फिलहाल बातचीत की कोई योजना नहीं है। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि जलडमरूमध्य से गुजरने वाले एक जहाज पर हमले की खबर के बावजूद यह मार्ग “खुला हुआ” है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि वर्तमान में इस जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही कम हो रही है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि वहां अमेरिकी नाकेबंदी “पूरी तरह से लागू” है और सभी समुद्री बारूदी सुरंगें हटा दी गई हैं। ट्रंप का यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के 60 दिनों का दौर इस हफ्ते समाप्त होने के ठीक बाद आया है।
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