पापांकुशा एकादशी 2025: पापों से मुक्ति का अचूक व्रत, जानें पूजन विधि और शुभ मुहूर्त

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
2 Min Read
पापांकुशा एकादशी 2025: पापों से मुक्ति का अचूक व्रत, जानें पूजन विधि और शुभ मुहूर्त
Papankusha Ekadashi 2025: पापांकुशा एकादशी व्रत से धुल जाएंगे सभी पाप, जानिए पूजन विधि और मुहूर्त

पापांकुशा एकादशी: पापों का नाश, सुख-समृद्धि और मोक्ष का द्वार

हिंदू धर्म में पापांकुशा एकादशी का विशेष महत्व है। आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ने वाला यह व्रत ‘पापों’ का संहारक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से जातक के जाने-अनजाने में हुए सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे सुख, समृद्धि तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है। आइए, इस पावन अवसर पर पापांकुशा एकादशी के शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और विशेष मंत्रों पर प्रकाश डालते हैं।

शुभ मुहूर्त का विधान

पंचांग के अनुसार, 03 अक्टूबर 2025 को अभिजीत मुहूर्त प्रातः 11:46 से दोपहर 12:34 तक रहेगा। इसके उपरांत, रात्रि 10:56 से मध्यरात्रि 12:30 तक अमृत काल का संयोग बनेगा। व्रत का पारण 04 अक्टूबर 2025 को प्रातः 06:23 से 08:44 के मध्य किया जाएगा।

पूजन विधि का सरलतम मार्ग

पापांकुशा एकादशी के दिन, ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके पश्चात, श्रीहरि भगवान विष्णु का पंचामृत से अभिषेक करें। भगवान विष्णु को पीले पुष्प, तुलसी दल और पीली मिठाई का भोग लगाएं। धूप-दीप प्रज्ज्वलित कर श्रीहरि की आरती करें और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। इस दौरान, ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम:’ मंत्र का जाप करते रहें। तत्पश्चात, किसी गरीब या ब्राह्मण को अपनी क्षमतानुसार वस्त्र, अन्न या दक्षिणा दान करें और उन्हें भोजन कराएं। सात्विक भोजन ग्रहण कर व्रत का समापन करें। यह आवश्यक है कि द्वादशी तिथि समाप्त होने से पूर्व व्रत का पारण कर लिया जाए।

प्रभावी मंत्रों का जाप

इस पावन एकादशी पर निम्नलिखित मंत्रों का जाप विशेष फलदायी माना गया है:

  • ॐ बृहस्पते अति यदर्यो अर्हाद् द्युमद्विभाति क्रतुमज्जनेषु ।यद्दीदयच्दवस ऋतप्रजात तदस्मासु द्रविणं धेहि चित्रम्”।।
  • वृंदा,वृन्दावनी,विश्वपुजिता,विश्वपावनी ।पुष्पसारा,नंदिनी च तुलसी,कृष्णजीवनी ।। एत नाम अष्टकं चैव स्त्रोत्र नामार्थ संयुतम ।य:पठेत तां सम्पूज्य सोभवमेघ फलं लभेत।।
  • ॐ वासुदेवाय विघ्माहे वैधयाराजाया धीमहि तन्नो धन्वन्तरी प्रचोदयात् ||
  • ॐ तत्पुरुषाय विद्‍महे अमृता कलसा हस्थाया धीमहि तन्नो धन्वन्तरी प्रचोदयात् ||

Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है।Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *