शारदीय नवरात्रि 2025: हाथी पर सवार होकर आ रही हैं मां दुर्गा, जानें शुभ-अशुभ संकेत और शुभ मुहूर्त!
नई दिल्ली: 22 सितंबर से शुरू हो रहा शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व इस साल विशेष है। नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। ऐसी मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान मां भगवती पृथ्वी पर पधारती हैं और अपने भक्तों पर स्नेह और आशीर्वाद की वर्षा करती हैं। हर वर्ष देवी का आगमन और गमन अलग-अलग वाहनों पर होता है, जो केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि आने वाले समय के लिए शुभ-अशुभ संकेतों का भी सूचक होता है।
हाथी पर मां का आगमन, सुख-समृद्धि का संकेत!
इस वर्ष नवरात्रि की शुरुआत सोमवार, 22 सितंबर को हो रही है। ज्योतिषियों के अनुसार, जब नवरात्रि का प्रारंभ सोमवार या रविवार को होता है, तो मां दुर्गा का वाहन ‘हाथी’ होता है। गजराज को सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसलिए, मां का हाथी पर आगमन अत्यंत शुभकारी होगा और मानव जीवन पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। चारों ओर खुशहाली का वातावरण छाने की उम्मीद है।
गुरुवार को विदाई, सौभाग्य का प्रतीक!
इस साल शारदीय नवरात्रि का समापन 2 अक्टूबर, गुरुवार को हो रहा है। देवी पुराण के अनुसार, गुरुवार को मां की विदाई ‘डोली’ से होना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। जब भी मां का प्रस्थान डोली से होता है, तब सुख, सौभाग्य और तरक्की की प्राप्ति होती है। कुल मिलाकर, इस वर्ष की नवरात्रि सभी राशियों के जातकों के लिए अत्यंत फलदायी और मंगलकारी सिद्ध होगी।
हाथी पर मां दुर्गा के आगमन का अर्थ:
- ऐश्वर्य और वैभव: हाथी को ऐश्वर्य और वैभव का प्रतीक माना जाता है। इसके आगमन से लोगों के जीवन में धन-संपत्ति और समृद्धि में वृद्धि होती है।
- वर्षा और कृषि: शास्त्रों के अनुसार, हाथी जल का कारक है। जब मां हाथी पर आती हैं, तो अच्छी वर्षा होती है और कृषि उन्नति करती है। यह किसानों के लिए एक वरदान साबित होता है।
- शांति और सहयोग: हाथी को शांति और धैर्य का भी प्रतीक माना जाता है। यह समाज में आपसी सहयोग और भाईचारे को बढ़ावा देता है।
- स्थिरता और प्रगति: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हाथी पर आगमन से राज्य और शासन में स्थिरता आती है, जिससे राष्ट्र प्रगति की ओर अग्रसर होता है।
मां दुर्गा के आगमन की सवारी कैसे तय होती है?
- सोमवार/रविवार: हाथी
- मंगलवार/शनिवार: घोड़ा
- गुरुवार/शुक्रवार: डोली
- बुधवार: नौका
मां दुर्गा के विदाई वाहन का महत्व:
मां के प्रस्थान के वाहन का भी विशेष महत्व होता है और यह भी आने वाले समय के लिए संदेश देता है।
(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य किसी भी प्रकार के अंधविश्वास को बढ़ावा देना नहीं है। यह जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। किसी भी निर्णय को लेने से पूर्व किसी जानकार ज्योतिषी या पंडित की राय अवश्य लें।)
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