वैकुंठ एकादशी 2025: इस दिन खुलेगा स्वर्ग का द्वार, जानें सही तिथि और शुभ मुहूर्त

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
4 Min Read
वैकुंठ एकादशी 2025: इस दिन खुलेगा स्वर्ग का द्वार, जानें सही तिथि और पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त!
vaikuntha ekadashi 2025 when is vaikuntha ekadashi know puja muhurat

सनातन धर्म की पावन परंपराओं में एकादशी तिथि का स्थान सर्वोपरि है, लेकिन इनमें ‘वैकुंठ एकादशी’ का महत्व सबसे विशिष्ट और कल्याणकारी माना गया है। मुख्य रूप से दक्षिण भारत में ‘मुक्कोटी एकादशी’ के भव्य नाम से प्रसिद्ध यह तिथि आध्यात्मिक चेतना का पर्व है। धार्मिक मान्यता है कि यही वह अलौकिक दिन है जब स्वर्ग के कपाट स्वयं भक्तों के स्वागत के लिए खुल जाते हैं। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन भगवान श्री विष्णु के परम धाम ‘वैकुंठ’ के द्वार भक्तों के लिए खोल दिए जाते हैं। माना जाता है कि जो साधक पूर्ण श्रद्धा के साथ इस दिन व्रत रखकर श्री हरि की आराधना करता है, उसे जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति मिल जाती है और मृत्यु के पश्चात वैकुंठ लोक में स्थान प्राप्त होता है।

पौराणिक संदर्भ और आत्म-शुद्धि का पर्व
पद्म पुराण की कथा के अनुसार, इसी पावन तिथि पर देवी एकादशी ने असुर ‘मुर’ का संहार किया था। उनकी इस वीरता से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने इस तिथि को वरदान दिया, जिससे यह मोक्षदायिनी बनी। एकादशी का व्रत केवल उपवास नहीं, बल्कि आत्म-शुद्धि का एक सशक्त माध्यम है। दक्षिण भारत के मंदिरों में इस दिन एक विशेष ‘वैकुंठ द्वार’ निर्मित किया जाता है, जिससे गुजरना सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। इसी तरह, वृंदावन के प्रसिद्ध रंगनाथ जी मंदिर में भी इस दिन देश-दुनिया से साधु-संतों का तांता लगता है। यहाँ स्थित वैकुंठ द्वार के बारे में कहा जाता है कि इसे पार करना हर किसी के भाग्य में नहीं होता। आइए जानते हैं साल 2025 में इस महापर्व की तिथि और शुभ संयोग।

वैकुंठ एकादशी 2025: तिथि और दिव्य संयोग
साल 2025 का अंत एक अत्यंत दुर्लभ और शुभ आध्यात्मिक संयोग के साथ हो रहा है। पंचांग की गणना के अनुसार, पौष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी 30 दिसंबर 2025, मंगलवार को पड़ेगी। वर्ष की अंतिम एकादशी होने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ गया है। एकादशी तिथि का प्रारंभ 29 दिसंबर 2025 को रात्रि 10:15 बजे होगा और इसका समापन 30 दिसंबर 2025 को रात्रि 09:40 बजे होगा। उदया तिथि की मान्यता के अनुसार, व्रत और मुख्य पूजन 30 दिसंबर को ही संपन्न किया जाएगा।

पूजन का सर्वश्रेष्ठ शुभ मुहूर्त
वैकुंठ एकादशी पर श्री हरि की कृपा पाने का सबसे उत्तम समय ‘ब्रह्म मुहूर्त’ माना जाता है। 30 दिसंबर 2025 को सुबह 05:24 से लेकर 07:13 तक का समय पूजन के लिए सबसे श्रेष्ठ है। इस शुभ काल में भगवान विष्णु का अभिषेक और मंत्रों का जाप करना अनंत फलदायी सिद्ध होता है।

व्रत पारण का सही समय
किसी भी व्रत की पूर्णता उसके विधिवत पारण से होती है। वैकुंठ एकादशी व्रत का पारण 31 दिसंबर 2025 को सुबह 07:14 से 09:18 के बीच करना शुभ रहेगा। ध्यान रखें कि पारण के समय ‘हरि वासर’ (द्वादशी की पहली चौथाई अवधि) का समाप्त होना अनिवार्य है, तभी व्रत का संपूर्ण पुण्य फल प्राप्त होता है।

क्यों है यह ‘महा-एकादशी’?
इस पावन तिथि पर व्रत रखने से न केवल शारीरिक ऊर्जा का संचार होता है, बल्कि मानसिक शांति भी मिलती है। यह व्रत वर्तमान और पूर्व जन्मों के संचित पापों का नाश कर अंतर्मन को निर्मल बनाता है। इस दिन ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का निरंतर जाप नकारात्मकता को दूर कर घर में सुख-समृद्धि लाता है। शास्त्रों की मानें तो वैकुंठ एकादशी का फल वर्ष की अन्य सभी 23 एकादशियों के कुल योग के बराबर है। जो लोग पूरे वर्ष नियमपूर्वक व्रत नहीं कर पाते, वे केवल इस एक एकादशी का पालन कर अक्षय पुण्य की प्राप्ति कर सकते हैं।


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है।Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *