ग्लास्गो में ‘गोल्डन सैटरडे’: मुक्केबाजों का पंच और जूडो-ट्रैक पर भारत का ऐतिहासिक परचम
ग्लास्गो, 1 अगस्त: राष्ट्रमंडल खेलों का दसवां दिन भारतीय खेल इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। रिंग में मुक्केबाजों के रिकॉर्डतोड़ सात स्वर्ण पदकों से लेकर जूडो मैट और एथलेटिक्स ट्रैक पर पैरा खिलाड़ियों के ऐतिहासिक पराक्रम तक, शनिवार का दिन पूरी तरह भारत के नाम रहा। इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत अब 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य समेत कुल 39 पदक जीतकर तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया है। फिलहाल ऑस्ट्रेलिया शीर्ष पर है, जबकि इंग्लैंड और कनाडा क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर काबिज हैं।
मुक्केबाजी: रिंग में खिलाड़ियों का जबरदस्त ‘पावर पंच’
भारतीय मुक्केबाजों ने रिंग में अपनी बादशाहत कायम करते हुए पदकों की झड़ी लगा दी। महिला वर्ग में मौजूदा विश्व चैम्पियन जैसमीन लंबोरिया (57 किलो), प्रीति पवार (54 किलो), साक्षी चौधरी (51 किलो), अरूंधति चौधरी (70 किलो) और प्रिया घंघास (60 किलो) ने अपने-अपने भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर तिरंगा लहराया। ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किलो) ने कड़े संघर्ष के बाद रजत पदक हासिल किया।
पुरुषों के वर्ग में सचिन सिवाच (60 किलो) और अंकुश (70 किलो) ने सोने पर निशाना साधा, जबकि जादूमणि सिंह (55 किलो) और नरेंदर बेरवाल (90+ किलो) ने रजत पदक जीतकर भारत की बढ़त को मजबूती दी। गौरतलब है कि भारत ने गोल्ड कोस्ट 2018 खेलों में मुक्केबाजी में तीन स्वर्ण सहित सात पदक जीते थे, लेकिन इस बार का प्रदर्शन उन आंकड़ों को पीछे छोड़ गया।
जूडो: पहली बार मैट पर ‘स्वर्ण’ की चमक
जूडो में भारत ने अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। उन्नति शर्मा ने महिलाओं के 63 किग्रा वर्ग में दक्षिण अफ्रीका की खिलाड़ी को महज एक मिनट सात सेकेंड में ‘इप्पोन’ (सर्वोच्च स्कोर) के जरिए चित करते हुए कांस्य पदक जीता। यह भारत का जूडो में रिकॉर्ड चौथा पदक था। इस ऐतिहासिक अभियान के नायक हर्ष सिंह (पुरुष 60 किग्रा) और अस्मिता डे (महिला 48 किग्रा) रहे, जिन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रमंडल खेलों की जूडो स्पर्धा में भारत का पहला स्वर्ण पदक विजेता बनने का गौरव प्राप्त किया। यामिनी मौर्य ने भी रजत पदक जीतकर इस कामयाबी में चार चांद लगाए। रविवार को अंतिम दिन ईशरूप नारंग, अवतार सिंह और यश घंघास से पदक की उम्मीदें बरकरार हैं।
पैरा एथलेटिक्स और गुलवीर का ऐतिहासिक डबल
मैदान पर पैरा एथलीटों और धावकों ने भी अपनी चमक बिखेरी। पैरा गोला फेंक (शॉट पुट) में सोमन राणा ने 13.40 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि भारत के ही शुभम जुयाल ने रजत पदक पर कब्जा जमाया। त्रिकूद (ट्रिपल जंप) में प्रवीण चित्रावेल ने रजत और सेल्वा प्रभु तिरुमरन ने कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा।
ट्रैक पर गुलवीर सिंह ने वह कर दिखाया जो आज तक कोई भारतीय नहीं कर सका था। 5000 मीटर में कांस्य पदक जीतकर वह एक ही राष्ट्रमंडल खेलों के संस्करण में एथलेटिक्स के दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने (उन्होंने 10,000 मीटर में रजत भी जीता है)। हालांकि, पैदल चाल में प्रियंका गोस्वामी चौथे स्थान पर रहकर पदक से चूक गईं और रवीना को अयोग्य घोषित कर दिया गया। वहीं पैरा एथलीट रमेश शनमुगम 1500 मीटर फाइनल में सातवें स्थान पर रहे।
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