रोमांचक मुकाबला: साउथ अफ्रीका ने भारत को 3 विकेट से हराया, डि क्लर्क की नाबाद अर्धशतकीय पारी का जलवा
विशाखापट्टनम में ICC महिला वर्ल्ड कप 2025 का एक ऐसा मुकाबला खेला गया, जिसने क्रिकेट प्रेमियों को अपनी सीट से बांधे रखा। साउथ अफ्रीका ने नेदिन डि क्लर्क के तूफानी नाबाद 84 रन और क्लो ट्रायोन के ऑलराउंड प्रदर्शन (49 रन और 3 विकेट) की बदौलत भारत को 3 विकेट से मात दी। 252 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए अफ्रीकी टीम ने 48.5 ओवर में ही जीत हासिल कर ली। इससे पहले, भारत की ओर से ऋचा घोष के 94 रन के शानदार प्रयास के बावजूद, टीम 251 रन पर सिमट गई।
भारतीय बल्लेबाजी: एक मिला-जुला प्रदर्शन
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी रही। ओपनर प्रतिका रावल (37 रन) और स्मृति मंधाना (23 रन) ने पहले विकेट के लिए 55 रन जोड़े। हालांकि, इसके बाद भारतीय मध्यक्रम ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। हरलीन देओल (13), कप्तान हरमनप्रीत कौर (9), जेमिमा रोड्रिग्स (0) और दीप्ति शर्मा (4) बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहीं। एक समय भारत का स्कोर 6 विकेट पर 102 रन था, जिससे टीम भारी दबाव में आ गई थी।
ऋचा घोष की तूफानी पारी: टीम इंडिया को संभाला
ऐसे मुश्किल हालात में, विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋचा घोष ने अकेले दम पर टीम को संभाला। उन्होंने 77 गेंदों पर 11 चौकों और 4 छक्कों की मदद से 94 रन की विस्फोटक पारी खेली। ऋचा ने पहले अमनजोत कौर (13) के साथ 7वें विकेट के लिए 51 रन जोड़े, फिर स्नेह राणा (33 रन, 24 गेंद, 6 चौके) के साथ 8वें विकेट के लिए सिर्फ 53 गेंदों में 88 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। ऋचा की इस आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत भारत अंतिम नौ ओवरों में 97 रन जोड़ने में सफल रहा और 49.5 ओवर में 251 रन का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया।
साउथ अफ्रीका की गेंदबाजों का कहर: ट्रायोन और म्लाबा छाए
साउथ अफ्रीका की गेंदबाजी भी बेहद प्रभावी रही। बाएं हाथ की स्पिनर क्लो ट्रायोन ने 10 ओवर में सिर्फ 32 रन देकर 3 विकेट झटके और भारतीय मध्यक्रम की कमर तोड़ दी। नोनकुलुलेको म्लाबा ने 2 विकेट लेकर भारत को शुरुआती झटके दिए, जबकि मारिजेन कैप (2/45) और नेदिन डि क्लर्क (2/52) ने भी अहम मौकों पर विकेट निकालकर अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। भारतीय बल्लेबाज ट्रायोन की स्पिन के सामने संघर्ष करते नजर आए।
वोलवार्ट और डि क्लर्क की निर्णायक साझेदारी: साउथ अफ्रीका की जीत
252 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए साउथ अफ्रीका की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उन्होंने 18 रन पर ही अपने दो विकेट गंवा दिए। लेकिन कप्तान लॉरा वोलवार्ट (70 रन) ने एक छोर संभाले रखा और टीम को मैच में बनाए रखा। जब स्कोर 171 पर 7 विकेट हो गया था, तब लगा कि भारत आसानी से मैच जीत लेगा। हालांकि, नेदिन डि क्लर्क और क्लो ट्रायोन ने भारतीय गेंदबाजों की सारी योजनाओं पर पानी फेर दिया। इन दोनों ने 7वें विकेट के लिए 69 रन की अटूट साझेदारी निभाई। डि क्लर्क ने 54 गेंदों पर 8 चौकों और 5 छक्कों की मदद से नाबाद 84 रन की मैच जिताऊ पारी खेली और 7 गेंद शेष रहते अपनी टीम को जीत दिला दी।
भारतीय गेंदबाजों का संघर्ष: डि क्लर्क के बल्ले के आगे बेअसर
भारतीय गेंदबाजों ने मैच की शुरुआत शानदार की थी। क्रांति गौड़ ने 2 विकेट (59 रन देकर), स्नेह राणा ने 2 विकेट (47 रन देकर) और दीप्ति शर्मा ने 1 विकेट लिया, जिससे साउथ अफ्रीका 58 रन पर चार विकेट गंवा चुकी थी। हालांकि, अंतिम ओवरों में नेदिन डि क्लर्क के आक्रामक तेवरों के आगे भारतीय गेंदबाज बेबस नजर आए। डि क्लर्क ने लगातार चौकों और छक्कों की बारिश करके मैच का रुख पूरी तरह से पलट दिया और साउथ अफ्रीका को टूर्नामेंट में एक महत्वपूर्ण जीत दिलाई।
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