दिल्ली में मंगलवार, 6 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद से निर्वाचन सदन की ओर विरोध मार्च निकाला। सांसदों ने SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। मार्च को पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद सांसदों ने धरना दिया।
सुधाकर सिंह बोले- लोकतंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई
आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि यह लड़ाई केवल INDIA गठबंधन की नहीं, बल्कि उन सभी मतदाताओं की है जो लोकतंत्र और संविधान की रक्षा चाहते हैं। उन्होंने कहा कि केवल ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा पर्याप्त नहीं होगा।
सुधाकर सिंह के मुताबिक, जब तक संसद के जरिए कानून में बदलाव कर चुनाव आयुक्त के पद को अधिक लोकतांत्रिक नहीं बनाया जाता, तब तक इस तरह के विवाद सामने आते रहेंगे।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का भी किया जिक्र
सुधाकर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट की हालिया सुनवाई का हवाला देते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार को सुप्रीम कोर्ट भी बचा रहा है और इस मामले में अदालत की “मौन सहमति” है। यह उनका राजनीतिक बयान है, न कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से कही गई बात।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा था कि Form 6 में किए गए किसी संशोधन को अदालत ने मंजूरी नहीं दी थी। कोर्ट ने रिकॉर्ड मंगाकर यह देखने की बात कही कि बदलाव किसके स्तर पर किए गए। हालांकि, अदालत ने अभी यह निष्कर्ष नहीं दिया है कि CEC ने कानून का उल्लंघन किया या बदलाव अवैध थे।
रंजीत रंजन ने रखीं तीन मांगें
कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने कहा कि विपक्ष की तीन प्रमुख मांगें हैं—ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा, SIR को रद्द करना और बैलेट पेपर से चुनाव कराना।
उन्होंने कहा कि मामला करोड़ों मतदाताओं के अधिकार से जुड़ा है और विपक्ष इस मुद्दे पर आंदोलन जारी रखेगा। रंजीत रंजन ने आरोप लगाया कि चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से जीते जाने चाहिए, न कि मतदाता प्रक्रिया में गड़बड़ी के जरिए।
संसद से निर्वाचन सदन तक निकला मार्च
INDIA ब्लॉक के सांसद मंगलवार सुबह संसद परिसर के मकर द्वार से निर्वाचन आयोग मुख्यालय की ओर बढ़े। प्रदर्शनकारियों के हाथों में ‘Save Democracy’ और ‘Save My Vote’ जैसे पोस्टर थे। मार्च में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेता शामिल हुए।
पुलिस ने रोका, सड़क पर धरने पर बैठे सांसद
मार्च को संसद मार्ग पर पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद विपक्षी सांसद सड़क पर बैठ गए और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना दिया। रिपोर्टों के मुताबिक, संसद और निर्वाचन आयोग के आसपास भारी सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग की गई थी।
Form 6 को लेकर विवाद क्यों बढ़ा?
विवाद SIR के दौरान Form 6 से जुड़े अतिरिक्त घोषणा-पत्र को लेकर है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि उसने किसी संशोधित Form 6 को मंजूरी नहीं दी थी। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने विपक्ष के आरोपों को “भ्रामक” बताया है और कहा है कि मूल Form 6 में संशोधन नहीं किया गया था, बल्कि SIR के लिए अतिरिक्त घोषणा का इस्तेमाल किया गया था।
इस विवाद के बीच INDIA ब्लॉक का आंदोलन और तेज होता दिख रहा है। अब निगाहें सुप्रीम कोर्ट की आगे की सुनवाई और चुनाव आयोग की ओर से इस विवाद पर दिए जाने वाले जवाब पर हैं।
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