दिल्ली में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR प्रक्रिया के तहत नोटिस पाने वाले करीब 31 फीसदी मतदाताओं के मामलों का निपटारा हो चुका है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुताबिक, अब तक 10.28 लाख से अधिक मामलों में दस्तावेजों के आधार पर सत्यापन पूरा किया गया है। प्रक्रिया में तेजी के लिए सत्यापन व्यवस्था में कई बदलाव किए गए हैं।
एक सप्ताह में 6 लाख से ज्यादा मामलों का निपटारा
दिल्ली में SIR के तहत नोटिस निपटाने की रफ्तार पिछले कुछ दिनों में तेज हुई है। 31 अगस्त से 29 सितंबर के बीच करीब 4.01 लाख मामलों का निपटारा हुआ था। इसके बाद केवल एक सप्ताह में 6 लाख से अधिक नोटिस निपटाए गए और मंगलवार तक यह आंकड़ा 10.28 लाख पहुंच गया।
33.1 लाख मतदाताओं को जारी हुए थे नोटिस
SIR से पहले दिल्ली में करीब 1.45 करोड़ मतदाता थे। 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में करीब 97.5 लाख नाम शामिल किए गए। वहीं करीब 47.5 लाख मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट जैसी वजहों से ‘अनकलेक्टिबल’ श्रेणी में रखा गया।
ड्राफ्ट सूची में शामिल करीब 33.1 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए। इनमें 13.79 लाख मामले ऐसे थे, जिनमें नाम पिछली SIR मतदाता सूची से लिंक नहीं हो पाए। करीब 19.33 लाख मामलों में एन्यूमरेशन फॉर्म में ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ पाई गई।
अब घर जाकर दस्तावेज जुटा रहे BLO
नोटिस पाने वाले मतदाताओं के लिए प्रक्रिया को आसान किया गया है। अब हर मामले में मतदाता को व्यक्तिगत सुनवाई के लिए निर्वाचन कार्यालय जाने की जरूरत नहीं है। बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO घर जाकर दस्तावेज ले सकते हैं और उन्हें ECINet पर अपलोड किया जाता है। इसके बाद निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी यानी ERO दस्तावेजों के आधार पर निर्णय लेते हैं। जरूरत पड़ने पर ही सुनवाई की व्यवस्था की जा रही है।
AERO की संख्या 297 से बढ़कर 902 हुई
SIR की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए दिल्ली में सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों यानी AERO की संख्या भी बढ़ाई गई है। यह संख्या 297 से बढ़ाकर 902 की गई है। इसके अलावा अधिकारियों ने विशेष कैंप और डिजिटल प्रक्रिया के जरिए लंबित मामलों के निपटारे की रफ्तार बढ़ाई है।
हालांकि, कुछ BLO ने बढ़ते काम के बोझ को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि चुनावी जिम्मेदारियों के साथ घर-घर जाकर दस्तावेज जुटाने का काम चुनौतीपूर्ण है। दूसरी ओर, अधिकारियों का कहना है कि ECINet में किए गए बदलावों से मामूली विसंगतियों वाले मामलों का तेजी से निपटारा संभव हुआ है।
30 नवंबर तक निपटेंगे नोटिस, 4 दिसंबर को अंतिम सूची
SIR की संशोधित समयसीमा के मुताबिक, दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर है। नोटिस, दावे और आपत्तियों का निपटारा 30 नवंबर तक किया जाना है, जबकि अंतिम मतदाता सूची 4 दिसंबर को प्रकाशित होगी।
इस तरह 10.28 लाख मामलों के निपटारे के बाद भी बड़ी संख्या में नोटिस लंबित हैं। अब चुनाव आयोग और दिल्ली CEO कार्यालय के सामने सबसे बड़ी चुनौती शेष मामलों का सत्यापन तय समयसीमा में पूरा करना है।
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