फ्लाईदुबई हमले में को-पायलट की पहचान, हमाम अल-हम्मामी का पुराना रिकॉर्ड भी जांच के घेरे में

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PEEYUSH UPADHYAY
पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव...
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दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर हुए हमले के मामले में को-पायलट की पहचान सामने आने का दावा किया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक उसका नाम हमाम अल-हम्मामी है। उसके पुराने रोजगार और कथित कट्टरपंथी विचारों को लेकर भी जांच तेज हो गई है।

रिपोर्टों में सामने आया हमाम अल-हम्मामी का नाम

अल अरबिया इंग्लिश ने जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि फ्लाईदुबई के को-पायलट की पहचान ओमान के नागरिक हमाम अल-हम्मामी के रूप में हुई है। अन्य अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों ने भी इसी नाम की पुष्टि की है। हालांकि, जांच एजेंसियों ने अभी तक सार्वजनिक रूप से उसके नाम की विस्तृत आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

ओमान में पहले भी उठे थे सवाल

रिपोर्टों के मुताबिक हमाम पहले ओमान एयर से जुड़ा था और 2024 के दौरान उसके कथित कट्टरपंथी विचारों को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने आई थीं। ABC News ने सूत्रों के हवाले से बताया कि उसके पास कथित तौर पर चरमपंथी सामग्री मिलने के बाद उसे पायलट ट्रेनिंग से हटाया गया था। बाद में उसे एयरलाइन में प्रशासनिक भूमिका दिए जाने की बात भी सामने आई है।

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, ओमान में उसे उड़ान भरने से रोकने से जुड़े सुरक्षा सवाल पहले ही उठ चुके थे। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि उस समय की जानकारी दूसरे देशों या एयरलाइनों के साथ साझा की गई थी या नहीं।

सीरिया और दूसरी एयरलाइन से जुड़े होने की भी रिपोर्ट

कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि हमाम ने ओमान के बाहर, विशेष रूप से सीरिया में भी समय बिताया था और वहीं कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित हुआ। हालांकि, उसके सीरिया में रहने की परिस्थितियों और इस कथित प्रभाव का घटना से सीधा संबंध अभी जांच का विषय है।

एक अन्य रिपोर्ट में उसके रॉयल एयर मैरोक से प्रशिक्षण लेने की जानकारी भी सामने आई है। कंपनी के अनुसार उसने वहां लगभग तीन महीने की सैद्धांतिक ट्रेनिंग की थी और विमान उड़ाने का अनुभव नहीं लिया था।

फ्लाईदुबई की फ्लाइट में आखिर क्या हुआ?

30 सितंबर को फ्लाईदुबई की FZ1073 फ्लाइट दुबई से तेल अवीव जा रही थी। सऊदी अरब के ऊपर उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन स्मित मछार और को-पायलट के बीच हिंसक झड़प हुई। रिपोर्टों के अनुसार मछार गंभीर रूप से घायल हुए और विमान अचानक तेजी से नीचे जाने लगा।

घायल होने के बावजूद कैप्टन मछार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद यात्रियों और क्रू ने अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान को सऊदी अरब के तबुक में आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी। फ्लाईदुबई ने पुष्टि की है कि विमान सुरक्षित रूप से तबुक पहुंचा और सभी यात्री सुरक्षित थे।

UAE में चल रही है जांच

घटना के बाद को-पायलट को सऊदी अधिकारियों ने हिरासत में लिया और बाद में उसे UAE भेज दिया गया। UAE में जांच इस बात की भी कर रही है कि घटना के पीछे कोई आतंकवादी उद्देश्य, पहले से बनाई गई योजना या किसी बाहरी व्यक्ति/संगठन का निर्देश था या नहीं। अभी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की चर्चा

हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने और यात्रियों-क्रू को हस्तक्षेप का मौका देने के लिए कैप्टन स्मित मछार की व्यापक प्रशंसा हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे वीडियो कॉल पर बात की और उनके साहस की सराहना की। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी मछार को विमान में मौजूद लोगों की जान बचाने वाला “हीरो” बताया।

फिलहाल जांच का बड़ा सवाल यही है कि हमाम अल-हम्मामी को लेकर पहले से मौजूद कथित सुरक्षा चिंताओं के बावजूद वह फ्लाईदुबई तक कैसे पहुंचा और संवेदनशील दुबई-तेल अवीव रूट पर को-पायलट के रूप में कैसे तैनात हुआ। इन सवालों के जवाब आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।


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पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव पत्रकारिता में 7+ वर्षों का है और वे निष्पक्ष, भरोसेमंद और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कई पुरस्कार और मान्यता प्राप्त की है, जिनमें 2022 में “Best Investigative Journalist” और 2021 में “Top 10 Editors in Uttarakhand” शामिल हैं।
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