लखीमपुर खीरी: एक दर्दनाक इतिहास का आईना
3 अक्टूबर 2021 की वह तारीख, जो लखीमपुर खीरी के तिकुनिया की धरती पर हमेशा के लिए दर्ज हो गई। यह वह दिन था जब एक विरोध प्रदर्शन, जो उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे के खिलाफ हो रहा था, अचानक हिंसक हो उठा। इस बर्बरता में आठ जिंदगियां काल का ग्रास बन गईं, जिनमें चार किसान भी शामिल थे।
किसानों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन उस समय क्रूरता का शिकार बन गया जब एक एसयूवी ने अंधाधुंध तरीके से चार किसानों को रौंद दिया। इस निर्मम घटना ने जनमानस में आक्रोश की लहर दौड़ा दी। आग बबूला हुए किसानों ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए एक वाहन चालक और भारतीय जनता पार्टी के दो कार्यकर्ताओं पर कथित तौर पर लाठी-डंडों से प्रहार कर उनकी जान ले ली। इस वीभत्स हिंसा का शिकार एक पत्रकार भी हुआ, जिसने अपनी जान गंवा दी।
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