जयपुर. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सिलिकोसिस पीड़ितों को लेकर राज्य की भजनलाल सरकार से एक मांग की है. इस संबंध में गहलोत ने सोशल मीडिया के जरिए अपने विचार व्यक्त किए हैं. हाल ही में उन्होंने दौसा जिला अस्पताल के दौरे के दौरान सिलिकोसिस पीड़ितों से मुलाकात की.
उनका दर्द सुनकर मेरा दिल दुखी हो गया है. मरीजों ने बताया कि सिलिकोसिस होने के बावजूद उन्हें ‘पीड़ित’ नहीं माना जा रहा है और उनके कार्ड ब्लॉक कर दिए गए हैं, जिससे उन्हें इलाज और मदद नहीं मिल पा रही है. हमारी कांग्रेस सरकार ने सदैव मानवीय दृष्टिकोण अपनाया। 2013: पहली बार सिलिकोसिस को गंभीर मानते हुए 1 से 3 लाख रुपए की सहायता शुरू की गई।
2019: नई ‘सिलिकोसिस नीति’ पेश की गई, सहायता राशि बढ़ाकर 5 लाख रुपये (पुनर्वास पर 3 लाख + मृत्यु पर 2 लाख) की गई, पेंशन और पालनहार योजना से भी जोड़ा गया। हमने अपने कार्यकाल में लगभग 35,000 पीड़ितों को 911 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की थी। वर्तमान सरकार से अनुरोध है कि इन बेसहारा मजदूरों के प्रति संवेदनशीलता दिखाएं और तकनीकी कमियों के नाम पर बंद की गई सहायता को तुरंत बहाल करें।
पीसी: फर्स्टइंडियान्यूज
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