बेंगलुरु में कुदरत का तांडव: भारी बारिश और ओलावृष्टि ने ली 10 की जान, मची भीषण तबाही

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बेंगलुरु में कुदरत का तांडव: भारी बारिश और ओलावृष्टि ने ली 10 की जान, मची भीषण तबाही
बेंगलुरु में बारिश, ओलावृष्टि और तूफान ने जमकर मचाई तबाही, 10 लोगों की मौत, कई घायल

बेंगलुरु में कुदरत का कहर: भारी बारिश और ओलावृष्टि ने ली 10 जानें, शहर में मची तबाही

बेंगलुरु के लिए बुधवार की शाम किसी बुरे सपने से कम नहीं थी। अचानक हुई भारी बारिश, ओलावृष्टि और तूफानी हवाओं ने शहर में ऐसा तांडव मचाया कि महज कुछ ही घंटों में 10 लोगों की जान चली गई। अधिकारियों द्वारा बृहस्पतिवार को दी गई जानकारी के अनुसार, इस आसमानी आफत ने न केवल जानमाल का नुकसान किया, बल्कि पूरे शहर की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिया।

करीब एक घंटे तक हुई इस मूसलाधार बारिश ने देखते ही देखते प्रमुख इलाकों को दरिया में बदल दिया। तेज हवाओं के चलते बिजली के खंभे और विशालकाय पेड़ ताश के पत्तों की तरह ढह गए, जिससे व्यस्त समय के दौरान यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।

सबसे दर्दनाक हादसा बॉरिंग एंड लेडी कर्जन अस्पताल में हुआ, जहां बारिश के दबाव से एक दीवार गिर गई। इस मलबे में दबने से छह साल की मासूम बच्ची समेत सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में केरल के दो छात्र भी शामिल थे, जो स्टडी टूर पर बेंगलुरु आए थे और बारिश से बचने के लिए उसी दीवार का सहारा ले रहे थे।

मौत का सिलसिला यहीं नहीं थमा। बैनरघट्टा रोड पर वेगा सिटी मॉल के पास 35 वर्षीय रघु की करंट लगने से जान चली गई। वहीं, यारब नगर में एक छात्र सैयद सुफियान की उस समय मौत हो गई, जब वह अपनी मोटरसाइकिल पार्क कर रहा था और तभी एक टूटकर गिरा बिजली का तार उसके संपर्क में आ गया। चामराजपेट में भी प्रकृति का प्रकोप देखने को मिला, जहां घर की छत का एक हिस्सा गिरने से मंजुनाथ नामक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।

नगर निकाय के आंकड़ों के मुताबिक, इस तूफान में शहर के करीब 87 पेड़ जड़ से उखड़ गए और 131 बड़ी शाखाएं टूटकर सड़कों पर गिर गईं। इसकी वजह से सड़क किनारे खड़ी दर्जनों कारें और दोपहिया वाहन मलबे में तब्दील हो गए। हालांकि, प्रशासन मुस्तैदी से काम कर रहा है और अब तक 60 पेड़ों व 98 शाखाओं को हटाया जा चुका है, लेकिन स्थिति अब भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

शहर के प्रमुख अंडरपास और चौराहे जलमग्न हो गए। केआर सर्किल अंडरपास में पानी का स्तर इतना बढ़ गया कि पुलिस को सुरक्षा के लिहाज से वहां बैरिकेडिंग करनी पड़ी। जलभराव के कारण हजारों लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आने वाले तीन दिनों तक बारिश का यह सिलसिला जारी रह सकता है, जिसके लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है। अचानक आई इस आपदा ने बेंगलुरु के बुनियादी ढांचे और तैयारियों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।


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