जामताड़ा में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता पर ज़ोर: डीसी ने दिए अहम निर्देश
जामताड़ा: डीसी रवि आनंद की अध्यक्षता में हुई जिला पर्यावरण समिति की बैठक में पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और कचरा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। बैठक में नगर निकाय क्षेत्रों में स्वच्छता, सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक, बायोमेडिकल कचरे के उचित निपटान और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
स्वच्छता अभियान और कचरा प्रबंधन:
डीसी ने नगर क्षेत्र में सड़कों और गलियों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शहर में सड़क किनारे मांस-मछली की दुकानों को पर्दों से ढक कर बिक्री करने का भी आदेश दिया, ताकि गंदगी न फैले। ठोस कचरा प्रबंधन और डोर-टू-डोर कचरा संग्रह के कार्यों की समीक्षा की गई और इसमें और सुधार लाने पर बल दिया गया।
बायोमेडिकल कचरा और प्लास्टिक पर सख्ती:
बैठक में अस्पतालों द्वारा बायोमेडिकल कचरे के उचित निपटान के संबंध में जानकारी ली गई। डीसी ने नगर क्षेत्र के सभी निजी क्लीनिकों का निरीक्षण कर जांच करने का निर्देश दिया। प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के लिए अभियान चलाकर जुर्माना वसूलने और ध्वनि प्रदूषण से संबंधित नियमों का सख्ती से पालन कराने पर भी ज़ोर दिया गया।
“नो हॉर्न” जोन की स्थापना:
ध्वनि प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से, डीसी ने अस्पतालों, विद्यालयों और न्यायालय परिसर जैसे महत्वपूर्ण स्थलों के बाहर “नो हॉर्न जोन/साइलेंस जोन” से संबंधित साइनेज लगाने के निर्देश दिए।
मिशन लाइफ के तहत पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली:
इस अवसर पर डीएफओ राहुल कुमार ने मिशन लाइफ के तहत पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
बैठक में एसपी राज कुमार मेहता, डीडीसी निरंजन कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जामताड़ा को एक स्वच्छ और स्वस्थ शहर बनाना है, जहां पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


