अखलाक का इंसाफ? योगी सरकार के कदम पर CPM का तीखा सवाल

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अखलाक का इंसाफ? योगी सरकार के कदम पर CPM का तीखा सवाल
अखलाक हत्याकांडः योगी सरकार ने सभी आरोपियों के खिलाफ केस वापस लेने की कार्रवाई शुरू की, CPM ने उठाए सवाल

दादरी: एक दर्दनाक रात, जो आज भी न्याय की प्रतीक्षा में है

28 सितंबर 2015, ग्रेटर नोएडा का बिसाहड़ा गांव। एक लाउडस्पीकर की गूंज ने वो मंजर रचा, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया। अफवाह उड़ी कि मोहम्मद अखलाक ने गाय का मांस मारकर अपने फ्रिज में रख लिया है। इस अफवाह की आग इस कदर भड़की कि देखते ही देखते भीड़ उनके घर में घुस गई। एक पिता को अपने ही घर में क्रूरता का शिकार होना पड़ा, उन्हें पीट-पीटकर मार डाला गया। इस दिल दहला देने वाली घटना में अखलाक के बेटे दानिश भी गंभीर रूप से घायल हुए, जब उन्होंने अपने पिता को बचाने का प्रयास किया।

उसी रात, जारचा थाने में अखलाक की पत्नी इकरामन की चीत्कार गूंज उठी। उन्होंने 10 नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। अखलाक और दानिश को नोएडा के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ अखलाक ने दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल दानिश को दिल्ली के ‘आर्मी रिसर्च एंड रेफरल’ अस्पताल में रेफर किया गया।

आज, इस घटना को एक दशक बीत चुका है। लेकिन इंसाफ की लड़ाई अभी भी जारी है। यह मामला ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर स्थित जिला अदालत में विचाराधीन है, और हर कोई उस दिन का इंतज़ार कर रहा है जब न्याय होगा और इस दर्दनाक रात के पीड़ितों को इंसाफ मिलेगा।


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