प्रकृति का कहर, जनजीवन पर असर: राजमार्ग पर यातायात ठप, मंडियों में सन्नाटा
भारी बारिश और बेकाबू भूस्खलन ने जम्मू-कश्मीर को शेष भारत से जोड़ने वाले मुख्य राजमार्ग की कमर तोड़ दी है। कई जगहों पर मलबा और टूट-फूट की भयावह तस्वीर सामने आई है, जिसके चलते बड़े वाहनों के पहिए थम गए हैं। जहाँ एक ओर हल्के वाहनों को बेहद सीमित दायरे में ही चलने की इजाजत मिल रही है, वहीं मालवाहक ट्रकों, विशेषकर फल-सब्ज़ियों से लदे वाहनों का रास्ता पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
यह राजमार्ग सिर्फ एक सड़क मार्ग नहीं, बल्कि कश्मीर की जीवनरेखा है। यह जम्मू-कश्मीर की अनमोल देन, यानी सेब, नाशपाती, प्लम जैसे रसीले फलों को देश के कोने-कोने तक पहुँचाने का प्रमुख जरिया है। ऐसे में, जब यह मार्ग अवरुद्ध हुआ है, तो फल मंडियों पर गहरा संकट मंडरा रहा है। ट्रकों के फंसे होने से ताज़े फल खराब होने का खतरा बढ़ गया है, और बाज़ारों में सन्नाटा पसरने लगा है।
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