लाल किला धमाके का पर्दाफाश: जैश-ए-मोहम्मद की एंट्री और दिल्ली-एनसीआर में दहशत फैलाने की बड़ी साजिश का खुलासा
दिल्ली का प्रतिष्ठित लाल किला 10 नवंबर को एक जोरदार धमाके से दहल उठा था। इस घटना के बाद से ही पुलिस महकमा इस मामले की तह तक पहुंचने में जुटा था, और अब एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने इस धमाके के तार जैश-ए-मोहम्मद से जोड़ दिए हैं, जिससे उत्तरी भारत में बड़े आतंकी हमले की साजिश का पर्दाफाश हुआ है।
बम बनाने की कला सिखाई, ISI का था हाथ
जांच के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि लाल किला धमाके के आरोपियों को बम बनाने का तरीका जैश-ए-मोहम्मद के एक सक्रिय ऑपरेटिव ने सिखाया था। यह ऑपरेटिव, जिसे आईएसआई द्वारा चुना गया था, फरीदाबाद मॉड्यूल का हिस्सा रहा है। यह जानकारी पुलिस के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों की संलिप्तता की ओर इशारा करती है।
200 बमों का जखीरा और समूचे उत्तर भारत को दहलाने की योजना
मामले की गहराई में उतरने पर पुलिस को एक और चिंताजनक खुलासा हुआ है। आरोपी सिर्फ एक धमाके तक सीमित नहीं थे, बल्कि वे दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में एक साथ 200 बम फोड़ने की तैयारी में थे। इस भयानक योजना का मकसद पूरे उत्तर भारत में दहशत का माहौल बनाना था।
जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ी
इस बड़े खुलासे के बाद, सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। आतंक के इस मॉड्यूल की जांच को और तेज कर दिया गया है, और उन सभी संदिग्धों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया जा रहा है जो इस साजिश में शामिल थे। यह घटना दिल्ली और पूरे देश के लिए एक खतरे की घंटी है, और एजेंसियों की तत्परता से ही ऐसे विनाशकारी मंसूबों को नाकाम किया जा सकता है।
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