अधिवक्ता का आचरण सवालों के घेरे में: बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने लगाया अंतरिम निलंबन
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने अधिवक्ता अधिनियम, 1961 और बीसीआई के व्यावसायिक आचरण एवं शिष्टाचार मानकों संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वाले एक अधिवक्ता पर सख्त कार्रवाई करते हुए, अंतरिम निलंबन आदेश जारी किया है। यह महत्वपूर्ण आदेश बीसीआई के अध्यक्ष और प्रतिष्ठित वरिष्ठ अधिवक्ता श्री मनन कुमार मिश्रा के हस्ताक्षर से प्रभावी हुआ है।
इस निलंबन के लागू होने की अवधि के दौरान, संबंधित अधिवक्ता अब भारत के किसी भी न्यायालय, न्यायाधिकरण या किसी भी अन्य प्राधिकरण के समक्ष उपस्थित होने, कार्य करने, पैरवी करने अथवा वकालत करने से पूरी तरह वंचित रहेंगे। यह कदम बार के गरिमापूर्ण पेशे को बनाए रखने और सार्वजनिक विश्वास की रक्षा के प्रति बीसीआई की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
निलंबन के तत्काल अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए, दिल्ली बार काउंसिल को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। दिल्ली बार काउंसिल को तत्काल प्रभाव से संबंधित अधिवक्ता की स्थिति को अपने रिकॉर्ड में अद्यतन करना होगा और अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली सभी अदालतों तथा न्यायाधिकरणों को इस आदेश की सूचना देनी होगी।
इसके अतिरिक्त, सर्वोच्च न्यायालय, सभी उच्च न्यायालयों और जिला न्यायालयों की रजिस्ट्रियों को भी इस आदेश को दाखिल और उपस्थिति काउंटरों पर प्रदर्शित करने के लिए निर्देशित किया गया है। साथ ही, सर्वोच्च न्यायालय बार एसोसिएशन सहित सभी संबंधित बार एसोसिएशनों को भी इस महत्वपूर्ण आदेश से अवगत कराया जाएगा। यह व्यापक प्रसार सुनिश्चित करेगा कि आदेश का पूर्णतः पालन किया जाए और बार के सभी सदस्य इसके बारे में जागरूक रहें।
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