मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि ‘डिजिटल डेटा सुरक्षा अधिनियम, 2023’ की आड़ में ‘जनहित’ के मूल प्रावधानों को अंदर से खोखला कर दिया गया है। उन्होंने आगाह किया कि निजता को ढाल बनाकर भ्रष्टाचार को सुरक्षित रखने और निष्पक्ष जांच-पड़ताल का रास्ता रोकने की गहरी साजिश रची जा रही है।
आयोग की बदहाली पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में यह सातवीं बार है, जब मुख्य सूचना आयुक्त का महत्वपूर्ण पद जानबूझकर खाली रखा गया। खड़गे ने आंकड़ों के जरिए सिस्टम पर चोट करते हुए कहा कि 2014 से अब तक 100 से अधिक आरटीआई कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है, जो स्पष्ट रूप से सच की आवाज को दंडित करने और असहमति को कुचलने वाले भयावह माहौल को दर्शाता है।
सत्ता की मंशा पर सवाल उठाते हुए खड़गे ने अंत में एक चुभती हुई आशंका जाहिर की— “मनरेगा को हाशिए पर धकेलने के बाद, क्या अब अगला निशाना आरटीआई है?”
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.

