मोदानी की दाल में काला? कांग्रेस का ‘पीली मटर’ पर सरकार पर करारा वार!

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मोदानी की दाल में काला? कांग्रेस का 'पीली मटर' पर सरकार पर करारा वार!
मोदानी की पीली दाल में कुछ तो काला है.. कांग्रेस ने पीली मटर के सस्ते आयात पर सरकार को घेरा

“मोदानी” की पीली दाल का खेल: किसानों पर मार, उद्योगपति मालामाल!

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर पीली मटर के आयात पर दी गई भारी छूट के बहाने तीखा प्रहार किया है। उनका आरोप है कि इस फैसले से देश के अन्नदाता यानी किसानों को तगड़ा झटका लगा है, वहीं दूसरी ओर इसके ‘सबसे बड़े लाभार्थी’ अडानी समूह की चांदी हो गई है।

‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी भड़ास निकालते हुए रमेश ने लिखा, “मोदानी की पीली दाल में कुछ तो काला है।” उन्होंने आंकड़ों के ज़रिए अपनी बात रखी। 2024-25 में भारत ने 67 लाख टन से ज़्यादा दालों का आयात किया, जिसमें पीली मटर का हिस्सा लगभग 30 लाख टन रहा। रमेश के अनुसार, पीली मटर पर आयात शुल्क न होने के कारण, यह आयातित फसल भारतीय बाज़ार में घरेलू दालों की तुलना में कहीं कम कीमत पर उपलब्ध हो रही है।

उन्होंने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि आयातित पीली मटर की कीमत मात्र 3,500 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि देश के किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 7,000-8,000 रुपये प्रति क्विंटल तय है। यानी, आयातित मटर बाज़ार में किसानों द्वारा पैदा की गई मटर के दाम के आधे से भी कम में पहुंच रही है, जो सीधे तौर पर किसानों की कमर तोड़ने वाला है।


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