Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को दो-टूक चेतावनी दे दी है! मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिए हैं कि यदि प्रॉपर्टी आईडी (PID) को लेकर कोई भी समस्या सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंची, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ बिना देरी किए कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसलिए, अधिकारियों को चाहिए कि वे समस्याओं का समाधान अपने स्तर पर ही त्वरित गति से सुनिश्चित करें। चंडीगढ़ में शहरी स्थानीय निकाय, नगर योजनाकार एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ पीआईडी पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने यह कड़ा रुख अपनाया। इस महत्वपूर्ण बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि क्रीड (CREED) के साथ शहरी स्थानीय निकाय की समन्वय बैठक आयोजित की जाए, ताकि पीआईडी से जुड़ी गुत्थियों को फटाफट सुलझाया जा सके और आम जनता को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को पूरे सिस्टम को सुव्यवस्थित करने का मंत्र दिया। आंकड़ों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 44,2570 प्रॉपर्टीज में से अब तक 2,79,658 पीआईडी मंजूर हो चुकी हैं, और शेष का काम भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। इसी तरह, विभाजित की जाने वाली 63,878 पीआईडी में से 36,545 को मंजूरी मिल चुकी है। साथ ही, 50,50,072 प्रॉपर्टीज में से स्थानीय निकायों से संबंधित 19,403 ऑब्जेक्शन अभी भी लंबित हैं, जिन्हें जल्द ही निपटा लिया जाएगा।
प्रॉपर्टी आईडी के तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी लेते हुए मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यदि वैध कॉलोनियों की सीमा में कोई प्लाट खाली है, तो उसे भी वैध माना जाए और एचएसवीपी (HSVP) की तर्ज पर एक्सटेशन फीस लेकर प्रक्रिया पूरी की जाए। इसके अलावा, यदि किसी प्लाट या मकान में कमर्शियल गतिविधियां चल रही हैं, तो विकास शुल्क आदि लेकर उन्हें भी अनुमति प्रदान की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने भूमि के वर्गीकरण को कृषि, कमर्शियल और रेजिडेंशियल में विभाजित कर उसका सटीक आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो कॉलोनियां मानकों को पूरा करती हैं, उन्हें जल्द से जल्द वैध घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। साथ ही, फैमिली आईडी और प्रॉपर्टी आईडी के बीच के मिसमैच (असंगति) को दूर करने के लिए भी युद्ध स्तर पर काम करने को कहा गया। ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो 1 करोड़ 39 लाख प्रॉपर्टी आईडी में से 31 लाख का आधार कार्ड से मिलान हो चुका है, और शेष का काम एक वर्ष के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। शहरी क्षेत्रों की समस्याओं के लिए नई पॉलिसी के तहत समाधान निकाला जाएगा।
बैठक में बिल्डर्स द्वारा बल्क में नई पीआईडी जनरेट करने और व्यक्तिगत व पुरानी रजिस्ट्री पर व्यक्तिगत सब-आईडी बनाने जैसे विषयों पर भी गहन चर्चा हुई, जिसका समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, ओएसडी बी बी भारती, उप प्रधान सचिव डॉ. यशपाल यादव, आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा, निदेशक युएलबी मुकुल कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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