“चुनावों पर सवाल: उद्धव ठाकरे और बालासाहेब थोराट ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर मुद्दे”
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि यदि चुनाव में त्रुटियां ही होनी हैं, तो फिर चुनाव कराने का क्या औचित्य है? उन्होंने सीधे तौर पर चयन प्रक्रिया का विकल्प सुझाते हुए कहा, “अगर चुनाव गलतियों के साथ ही होने हैं, तो फिर चुनाव क्यों करवाएं? सीधे चुनाव की जगह चयन प्रक्रिया ही कर दीजिए।” ठाकरे ने चुनाव आयोग से जनता के सामने सच्चाई उजागर करने और यदि गड़बड़ियां साबित होती हैं तो चुनाव रद्द करने की मांग की है।
दूसरी ओर, कांग्रेस नेता बालासाहेब थोराट ने भी चुनाव प्रक्रिया में खामियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि विधानसभा चुनावों के दौरान भी उन्होंने कई कमियों की ओर ध्यान आकर्षित किया था, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा, “अब जब स्थानीय निकाय चुनाव आने वाले हैं, वही गलतियां दोहराई जा रही हैं। हम बार-बार शिकायत करते हैं, पर सुनवाई नहीं होती।” थोराट ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों से पिछली मतदाता सूचियां छिपाई जा रही हैं और मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र में मतदाता सूची में सैकड़ों और हजारों त्रुटियां मौजूद हैं, जो चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्नचिन्ह लगाती हैं।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
