काल का ग्रास बना बिलासपुर: भूस्खलन में बस दबी, 15 की मौत, 2 बचाए गए
नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश का बिलासपुर जिला मंगलवार की शाम एक भयानक भूस्खलन का गवाह बना, जिसने एक निजी बस को लील लिया। इस हृदयविदारक घटना में 15 लोगों की दुखद मृत्यु हो गई, जिनमें पांच महिलाएं भी शामिल थीं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) द्वारा चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन में सभी 15 शव बरामद कर लिए गए हैं।
हादसे का विवरण:
यह भयावह हादसा मंगलवार शाम करीब साढ़े छह बजे बिलासपुर के झंडूता क्षेत्र के बालुरघाट इलाके में हुआ। एक निजी बस, जो मालाड़ी से मारोटन मार्ग पर सुबह 8:45 बजे से अपनी यात्रा शुरू करती थी और दिन में दो बार इस रूट पर चलती थी, अचानक भूस्खलन की चपेट में आ गई।
चेतावनी अनसुनी:
स्थानीय निवासियों ने पहले भी इस क्षेत्र की संवेदनशीलता पर चिंता जताई थी। पवन शर्मा नाम के एक स्थानीय निवासी ने बताया, “हमने पहले भी देखा है कि यह स्थान संवेदनशील है। 8 दिन पहले भी भूस्खलन हुआ था। विभाग ने मलबे को आंशिक रूप से ही हटाया था।” उनकी यह बात इस हादसे की गंभीरता को और बढ़ा देती है, क्योंकि लगता है कि चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया।
राहत और बचाव का अथक प्रयास:
दुर्घटना की सूचना मिलते ही बचाव दल, पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचे और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। NDRF अधिकारी ने पुष्टि की है कि सभी 15 शव बरामद कर लिए गए हैं। हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. जगत सिंह नेगी ने मृतकों में पांच महिलाओं के शामिल होने की पुष्टि की है।
सुरक्षा पर गंभीर सवाल:
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पूरा इलाका “भूस्खलन जोखिम क्षेत्र” के रूप में जाना जाता है। पहले से ही यहां मलबा मौजूद था, जिसे पूरी तरह से नहीं हटाया गया था। पवन शर्मा ने इस अधूरे काम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे जोखिम लगातार बना रहा। इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा के उपायों और उनकी प्रभावशीलता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
राजकुमार कौशल, एक अन्य निवासी ने बताया कि बचाव दलों ने दो जीवित बचे लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की। फिलहाल, प्रशासन इस त्रासदी से निपटने और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने में जुटा हुआ है।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


