लखनऊ, तीन नवंबर: उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (उप्र रेरा) ने प्रदेश के आठ जिलों में 17 नयी रियल एस्टेट परियोजनाओं को अपनी हरी झंडी दे दी है। मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, इन तमाम परियोजनाओं के जरिए प्रदेश में लगभग 4,844.43 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश होने जा रहा है।
यह महत्वपूर्ण निर्णय उप्र रेरा मुख्यालय में संपन्न हुई प्राधिकरण की 217वीं, 218वीं और 219वीं बैठकों के दौरान लिया गया। इन सभी बैठकों की अध्यक्षता रेरा के चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने की। प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन सभी परियोजनाओं का विकास पूरी तरह से रेरा अधिनियम के अंतर्गत, बेहद पारदर्शी तरीके से और निश्चित समय-सीमा के भीतर ही सुनिश्चित किया जाएगा।
स्वीकृत की गई इन नई परियोजनाओं में निवेश और नई आवास इकाइयों के निर्माण के मामले में सूबे की राजधानी लखनऊ ने बाजी मारते हुए पहला स्थान हासिल किया है। लखनऊ में छह आवासीय, एक मिश्रित उपयोग और दो व्यावसायिक यानी कुल नौ परियोजनाओं पर मुहर लगी है। यहाँ 2,203.27 करोड़ रुपये के विशाल निवेश से कुल 3,031 नई इकाइयों का निर्माण किया जाएगा।
सरकारी बयान के आंकड़ों पर गौर करें तो, गाजियाबाद में दो आवासीय परियोजनाओं के तहत 943.28 करोड़ रुपये के निवेश से 1,016 इकाइयां आकार लेंगी। वहीं, गौतमबुद्ध नगर में एक मिश्रित उपयोग वाली परियोजना के लिए 940.43 करोड़ रुपये के निवेश से 456 इकाइयां बनाई जाएंगी। इसके अलावा कानपुर में एक प्रोजेक्ट पर 524.66 करोड़ रुपये खर्च कर 597 इकाइयां और मेरठ में 194.28 करोड़ रुपये के निवेश से 313 इकाइयों का निर्माण होगा।
विकास की यह लहर अन्य शहरों तक भी पहुंच रही है। इसके तहत अयोध्या में 26.61 करोड़ रुपये के निवेश से 159 इकाइयां, फिरोजाबाद में 10.87 करोड़ रुपये के निवेश से 48 इकाइयां और मुरादाबाद में 1.03 करोड़ रुपये के निवेश से 12 आवासीय इकाइयां बनाई जाएंगी।
इस अवसर पर रेरा अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर को पूरी तरह से व्यवस्थित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जा रहा है। इसी उद्देश्य के तहत सभी परियोजनाओं के प्रस्तावों का निस्तारण तय समय के भीतर किया जा रहा है और उनकी लगातार निगरानी भी हो रही है। इस व्यवस्था का मुख्य मकसद घर खरीदारों को एक सुरक्षित माहौल देना और साथ ही डेवलपर्स को स्पष्ट नियमों के दायरे में रहकर आसानी से काम करने का अवसर प्रदान करना है।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


