ओपनएआई का नया धमाका: टिक-टॉक को टक्कर देने वाला AI वीडियो ऐप जल्द होगा
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में अपनी धाक जमा चुकी कंपनी OpenAI, अब एक ऐसे सोशल ऐप के साथ तहलका मचाने की तैयारी में है जो सीधे तौर पर टिक-टॉक जैसे प्लेटफॉर्म्स को सीधी टक्कर देगा। वायर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह नया ऐप OpenAI के शक्तिशाली सोरा 2 वीडियो मॉडल पर आधारित होगा और इसमें टिक-टॉक की तरह ही वर्टिकल वीडियो फीड और स्वाइप-टू-स्क्रॉल नेविगेशन जैसी खूबियां होंगी। लेकिन इसमें सबसे बड़ा और अनोखा पहलू यह होगा कि यह ऐप पूरी तरह से AI-जनित वीडियो कंटेंट के लिए ही समर्पित होगा।
AI की दुनिया का नया अध्याय: केवल AI-निर्मित वीडियो, कोई सीधा अपलोड नहीं!
इस भविष्य के ऐप की एक खास बात यह है कि यूजर्स अपने फोन से सीधे कोई फोटो या वीडियो अपलोड नहीं कर पाएंगे। प्लेटफॉर्म पर केवल AI द्वारा बनाए गए कंटेंट को ही दिखाया जाएगा। यह पहल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती शक्ति और रचनात्मकता का एक प्रमाण है, जो कंटेंट निर्माण के परिदृश्य को पूरी तरह से बदलने की क्षमता रखती है। इस नए AI वीडियो ऐप को लॉन्च करने की दिशा में कंपनी ने अपनी तैयारियों को गति दे दी है।
AI Video App: अनोखी खूबियों के साथ होगा लैस!
वायर्ड की रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, सोरा 2 मॉडल का इस्तेमाल करके इस ऐप में 10 सेकंड तक की वीडियो क्लिप बनाई जा सकेंगी। हालांकि, कंपनी ने अभी तक ऐप की अन्य सीमाओं और क्षमताओं के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी है।
- मुख्य आकर्षण: इस ऐप में यूजर्स अपने द्वारा रिकॉर्ड किए गए या शूट किए गए वीडियो को अपलोड नहीं कर पाएंगे। यह पूरी तरह से AI-जनित सामग्री पर केंद्रित होगा।
- टिक-टॉक से तुलना: दिलचस्प बात यह है कि टिक-टॉक पर भी शुरुआत में 15 सेकंड तक के वीडियो ही अपलोड करने की सुविधा थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 10 मिनट तक कर दिया गया था। OpenAI का यह कदम AI-जनित कंटेंट के लिए एक नए मंच की ओर इशारा करता है।
- सुरक्षा और गोपनीयता: यूजर्स की पहचान और उनके कंटेंट की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए, नए ऐप में एक पहचान सत्यापन टूल शामिल किया जाएगा। इसके माध्यम से यूजर्स अपनी पहचान जोड़कर अपने AI-निर्मित वीडियो को सुरक्षित रख पाएंगे।
ओपनएआई, AI वीडियो ऐप को बनाने में है प्रतिबद्ध!
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओपनएआई की यह कोशिश है कि AI-आधारित इस वीडियो ऐप को न केवल सुरक्षित बनाया जाए, बल्कि कॉपीराइट नियमों का भी पूरी तरह से पालन हो। OpenAI हर उस स्थिति में सूचना भेजेगा जब किसी की पहचान या कंटेंट का उपयोग किया जाएगा, चाहे वह वीडियो ऐप के फीड पर पोस्ट किया गया हो या नहीं। यह सुरक्षा फीचर कॉपीराइट नियमों का पालन करते हुए कुछ खास तरह के वीडियो बनाने पर प्रतिबंध भी लगा सकता है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, अगर किसी वीडियो में कॉपीराइट उल्लंघन का मामला सामने आता है, तो कंटेंट के मूल मालिक अपना कंटेंट हटाने का अनुरोध कर सकेंगे। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि टिक-टॉक जैसे प्लेटफॉर्म्स के सामने यह ऐप अमेरिकी दर्शकों के लिए एक विश्वसनीय और नवीन विकल्प साबित हो सकता है।
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