सुपरइंटेलिजेंस की अंधी दौड़ और हमारी ज़िंदगी का जुआ: दिग्गज एआई शोधकर्ता जैकब कॉक्सन की बड़ी चेतावनी
नयी दिल्ली: कृत्रिम मेधा (AI) की दुनिया से एक ऐसी खबर आई है जिसने तकनीकी गलियारों में हलचल मचा दी है। दिग्गज कंपनी एंथ्रोपिक के प्रमुख एआई शोधकर्ता जैकब कॉक्सन ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देते हुए उन्होंने एक गंभीर चेतावनी जारी की है कि बड़ी टेक कंपनियां ‘सुपरइंटेलिजेंस’ विकसित करने की बेकाबू होड़ में गैर-जिम्मेदाराना तरीके से आगे बढ़ रही हैं और सीधे तौर पर ‘हमारी जिंदगियों के साथ जुआ खेल रही हैं।’
पिछले तीन वर्षों में एंथ्रोपिक और ओपनएआई जैसी चोटी की कंपनियों में ‘प्रशिक्षण-पूर्व’ एआई शोध से जुड़े रहे कॉक्सन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपनी चिंताएं साझा कीं। उन्होंने आगाह किया कि पर्याप्त सुरक्षा मानकों के अभाव में यह प्रतिस्पर्धा ‘मानव से अधिक सक्षम एआई सिस्टम’ की ओर बढ़ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह तकनीक किसी भी सिस्टम में सेंध लगाने और रातोंरात दुनिया में क्रांतिकारी बदलाव लाने की ताकत रखती है, जो मानव सभ्यता के लिए अब तक का सबसे बड़ा खतरा हो सकता है।
कॉक्सन ने अपने विदाई संदेश में कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा, “मैंने आज एंथ्रोपिक से इस्तीफा दे दिया है। मैंने ओपनएआई और एंथ्रोपिक दोनों में काम किया, लेकिन सच यह है कि कोई भी कंपनी जिम्मेदारी से काम नहीं कर रही है। वे एक ऐसे सुपरइंटेलिजेंस की दौड़ में अंधी हो चुकी हैं जो खुद को बेहतर बनाने में सक्षम है।”
कंपनियों के कार्यculture पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि ओपनएआई में कई लोग इस तकनीक से होने वाले सभ्यतागत जोखिमों को गहराई से नहीं समझते। वहीं, एंथ्रोपिक में जोखिमों की समझ तो है, लेकिन वहां इस दौड़ में सबसे आगे रहने का जुनून सवार है। उनका मानना है कि चूंकि कोई और जिम्मेदारी नहीं दिखाएगा, इसलिए उन्हें खुद ही यह खतरनाक कदम उठाना होगा। कॉक्सन ने इस ‘अंतिम चरण’ की दौड़ को एक ‘अहंकारपूर्ण जोखिम’ करार दिया है।
शोधकर्ता ने एक चौंकाने वाला दावा भी किया। उन्होंने कहा कि एआई क्षेत्र में काम करने वाले कई विशेषज्ञों का मानना है कि इस दशक के अंत तक एआई से विनाशकारी नुकसान हो सकता है। सार्वजनिक रूप से संतुलित दिखने वाले अधिकारी और शोधकर्ता निजी तौर पर अनियंत्रित एआई से अस्तित्व को पैदा होने वाले खतरों को लेकर गहरे डर में हैं। ‘हगिंग फेस’ मंच पर हुई हालिया सुरक्षा सेंधमारी का उदाहरण देते हुए उन्होंने एआई विकास की गति को नियंत्रित करने के लिए वैश्विक समझौते की तत्काल जरूरत बताई।
अंत में, कॉक्सन ने अपने साथियों और साथी शोधकर्ताओं से अपनी भूमिका पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। उन्होंने पूछा कि क्या वे वाकई एक ऐसी रहस्यमयी प्रणाली का हिस्सा बनना चाहते हैं जिसकी कार्यप्रणाली वे खुद पूरी तरह नहीं समझते? उन्होंने जोर दिया कि शोधकर्ताओं को केवल परिस्थितियों का शिकार नहीं बनना चाहिए, बल्कि सुरक्षा और जिम्मेदारी के सख्त मानकों की मांग करनी चाहिए।
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