चीन में सात्विक-चिराग का ‘राज’: रोमांचक पलटवार के साथ चीनी जोड़ी को धूल चटाकर जीता मास्टर्स खिताब
शेनजेन, 6 सितंबर: भारतीय बैडमिंटन के ‘पोस्टर बॉयज’ सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की स्टार जोड़ी ने चीन के अभेद्य किले में सेंध लगाते हुए एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित कर दी है। रविवार को शेनजेन में खेले गए चीन मास्टर्स सुपर 750 के बेहद रोमांचक फाइनल में, इस भारतीय जोड़ी ने शुरुआती पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की और स्थानीय पसंदीदा जोड़ी हे जी टिंग और रेन शियांग यू को हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। वर्ष 2023 और 2025 में उपविजेता रही इस जोड़ी के लिए यह तीसरा फाइनल था, जहां उन्होंने एक घंटे 10 मिनट के संघर्ष में पूर्व विश्व नंबर-4 चीनी जोड़ी को 11-21, 21-13, 21-17 से मात दी।
अपने करियर की 10वीं बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर खिताबी जीत के बाद सात्विक ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “चीन में खेलना हमारे लिए हमेशा सुखद रहा है। चोट से उबरने के बाद जब भी हम यहां आए हैं, हमारा प्रदर्शन निखर कर सामने आया है। 2024 ओलंपिक के बाद भी हमने यहां सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था। पिछले साल फॉर्म साथ नहीं थी, फिर भी हम फाइनल तक पहुंचे थे।” उन्होंने आगे कहा, “इस बार भी हम चोट के बाद वापसी कर रहे थे, इसलिए यह जीत हमारे आत्मविश्वास के लिए बहुत जरूरी थी। पहले दौर को छोड़कर हमने लगभग हर मैच तीन गेम तक लड़ा है, जो हमारी मानसिक मजबूती को दर्शाता है।”
रणनीति पर चर्चा करते हुए सात्विक ने बताया, “हम एक ठोस प्लान के साथ मैदान में उतरे थे। हमारा लक्ष्य उसे पूरी सटीकता के साथ लागू करना था। हमें खुशी है कि हमारी रणनीति रंग लाई और हमने अंततः उस सूखे को खत्म करते हुए 2026 का अपना दूसरा खिताब जीता।”
यह भारतीय जोड़ी का इस सत्र का दूसरा बड़ा खिताब है, इससे पहले वे सिंगापुर ओपन सुपर 750 भी जीत चुके हैं। विश्व रैंकिंग में पांचवें स्थान पर काबिज सात्विक-चिराग के लिए यह जीत 19 सितंबर से जापान में शुरू होने वाले एशियाई खेलों से पहले किसी ‘बूस्टर’ से कम नहीं है, जहां वे अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने उतरेंगे।
जीत से उत्साहित चिराग शेट्टी ने कहा, “एशियाई खेलों जैसे बड़े मंच पर जाने से पहले यह जीत हमारे भरोसे को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। इससे यह साफ हो गया है कि हमारी ट्रेनिंग की दिशा एकदम सही है। अब हम घर लौटकर अगले 10 दिनों तक कड़ी मेहनत करेंगे और एशियाई खेलों में पूरी ऊर्जा और आनंद के साथ अपने खेल का प्रदर्शन करेंगे।”
मैच की बात करें तो चीनी जोड़ी (रैंकिंग 70) लंबे निलंबन के बाद वापसी कर रही थी, लेकिन सात्विक-चिराग का उनके खिलाफ रिकॉर्ड हमेशा से बेहतर रहा था। फाइनल के पहले गेम में चीनी खिलाड़ियों ने अपनी आक्रामक गति से भारतीयों को चौंका दिया और देखते ही देखते 5-0 और फिर 17-9 की बढ़त बनाकर पहला गेम आसानी से जीत लिया। चिराग की सर्विस की गलतियों ने भी भारत की मुश्किलें बढ़ाईं।
हालांकि, दूसरे गेम में कहानी पूरी तरह बदल गई। सात्विक और चिराग ने रैलियों को लंबा खींचना शुरू किया और चीनी खिलाड़ियों को उनके कम्फर्ट जोन से बाहर निकाला। सात्विक की फ्लिक सर्विस और चिराग के बॉडी स्मैश ने मैच का रुख पलट दिया। 45 शॉट्स की एक लंबी और थका देने वाली रैली जीतने के बाद भारतीय जोड़ी का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने 21-13 से गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम में खींच लिया।
निर्णायक गेम में एक बार फिर चीनी जोड़ी ने 4-0 की बढ़त बनाई, लेकिन सात्विक-चिराग ने हार नहीं मानी और स्कोर 7-7 से बराबर कर दिया। मैच के अंतिम क्षणों में जबरदस्त तनाव था, दोनों टीमें एक-एक अंक के लिए जान लड़ा रही थीं। स्कोर जब 16-16 की बराबरी पर था, तब चीनी खिलाड़ी दबाव में नेट पर गलती कर बैठे। अंत में चिराग के एक कड़क स्मैश ने भारत की जीत पर मुहर लगा दी और चीन मास्टर्स की ट्रॉफी भारतीय शेरों के हाथ में आ गई।
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