BRICS पर कांग्रेस में दो राय, चिदंबरम ने उठाए सवाल तो शशि थरूर ने गिनाए भारत के फायदे

By
PEEYUSH UPADHYAY
पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव...
- Editor
5 Min Read
BRICS पर कांग्रेस में दो राय, चिदंबरम ने उठाए सवाल तो शशि थरूर ने गिनाए भारत के फायदे

BRICS को लेकर कांग्रेस के भीतर ही अलग-अलग नजरिया सामने आया है। पी. चिदंबरम ने हाल के सम्मेलनों से भारत को मिले ठोस लाभ पर सवाल उठाए, जबकि शशि थरूर ने इसे ग्लोबल साउथ के लिए अहम मंच बताया। हालांकि, उन्होंने व्यापार घाटे और सदस्य देशों के मतभेदों को बड़ी चुनौती भी माना।

BRICS के महत्व पर थरूर ने रखी अपनी राय

दिल्ली में होने वाले BRICS सम्मेलन से पहले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने समूह के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि BRICS ग्लोबल साउथ यानी विकासशील देशों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। उनके मुताबिक, इस समूह में शामिल 11 देश दुनिया की आबादी के बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं और वैश्विक GDP में करीब 41 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं।

थरूर ने कहा कि इतनी बड़ी आर्थिक और जनसंख्या हिस्सेदारी वाले समूह को दुनिया के दूसरे देश भी गंभीरता से लेते हैं। उनके अनुसार, BRICS की अहमियत केवल बैठकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विकासशील देशों की आवाज को वैश्विक मंच पर रखने का अवसर भी देता है।

BRICS पर कांग्रेस में दो राय, चिदंबरम ने उठाए सवाल तो शशि थरूर ने गिनाए भारत के फायदे

भारत के लिए मेजबानी को बताया प्रतिष्ठा का विषय

शशि थरूर ने BRICS सम्मेलन की मेजबानी को भारत के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में सदस्य देशों के अलावा पर्यवेक्षक देशों के शीर्ष नेता भी शामिल होंगे। इतने देशों के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री स्तर के नेताओं का भारत आना देश की कूटनीतिक पहुंच और विभिन्न देशों को एक मंच पर लाने की क्षमता को दर्शाता है।

उनके मुताबिक, वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती कूटनीतिक भूमिका अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

लेकिन BRICS के सामने चुनौतियां भी कम नहीं

थरूर ने BRICS की चुनौतियों को भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि समूह के सभी सदस्य देशों के बीच महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर एक राय बनाना आसान नहीं है। रूस-यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया से जुड़े घटनाक्रमों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अलग-अलग देशों के हित और दृष्टिकोण कई बार साझा सहमति में बाधा बनते हैं।

साझा घोषणा पर सहमति बनाना बड़ी चुनौती

थरूर ने पिछली BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक का उल्लेख करते हुए कहा कि सदस्य देशों के बीच मतभेदों के कारण साझा घोषणा पर सहमति नहीं बन सकी थी। इसके बाद भारत ने BRICS अध्यक्ष के तौर पर अपनी ओर से चेयर की घोषणा जारी की थी।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आगामी सम्मेलन में भी ऐसी स्थिति बन सकती है। थरूर के अनुसार, अगर फिर साझा बयान पर सहमति नहीं बनती है तो इसे समूह के भीतर मौजूद बुनियादी मतभेदों के संकेत के तौर पर देखा जा सकता है। ऐसे में भारतीय राजनयिकों के सामने अलग-अलग देशों के बीच संतुलन बनाना अहम चुनौती होगी।

भारत के व्यापार घाटे पर भी चिंता

BRICS देशों के साथ भारत के व्यापार को लेकर थरूर ने एक अहम चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि समूह के भीतर व्यापार लगातार बढ़ रहा है, लेकिन भारत के लिए इसका संतुलन पूरी तरह अनुकूल नहीं है। उनके मुताबिक, BRICS देशों को भारत का निर्यात घटा है, जबकि वहां से भारत का आयात बढ़ा है।

यानी व्यापार बढ़ने के बावजूद भारत के लिए व्यापार घाटे की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। इससे BRICS के आर्थिक लाभों को भारत के नजरिए से परखने की जरूरत भी सामने आती है।

चिदंबरम ने उठाया था ठोस फायदे का सवाल

थरूर की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने BRICS को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने पूछा था कि पिछले दो-तीन BRICS सम्मेलनों से भारत को आखिर कितने ठोस फायदे मिले हैं। चिदंबरम ने BRICS के साथ-साथ G20, QUAD और शंघाई सहयोग संगठन जैसे अन्य बहुपक्षीय मंचों में भारत की भागीदारी का भी जिक्र किया था।

कांग्रेस के भीतर सामने आया अलग नजरिया

BRICS पर चिदंबरम और थरूर के बयानों से कांग्रेस के भीतर इस समूह को लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण सामने आए हैं। चिदंबरम जहां सम्मेलनों के ठोस परिणाम और भारत को मिलने वाले लाभ पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं थरूर इसकी वैश्विक भूमिका और भारत की कूटनीतिक उपयोगिता को स्वीकार करते हुए चुनौतियों की ओर भी ध्यान दिला रहे हैं।

ऐसे में आगामी BRICS सम्मेलन के दौरान होने वाली चर्चाओं और संभावित फैसलों पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि समूह भारत के आर्थिक और रणनीतिक हितों को कितना आगे बढ़ा पाता है।


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव पत्रकारिता में 7+ वर्षों का है और वे निष्पक्ष, भरोसेमंद और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कई पुरस्कार और मान्यता प्राप्त की है, जिनमें 2022 में “Best Investigative Journalist” और 2021 में “Top 10 Editors in Uttarakhand” शामिल हैं।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *