दिल्ली-NCR में कारोबारियों और वाहनों को निशाना बनाकर दहशत फैलाने की कथित तैयारी कर रहे तीन शूटरों को पुलिस ने वारदात से पहले दबोच लिया। स्पेशल सेल की कार्रवाई में हथियार और स्कॉर्पियो बरामद हुई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी फिरौती के लिए फायरिंग की योजना बना रहे थे।
द्वारका में बिछाया गया जाल
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल को सूचना मिली थी कि मथुरा बेस्ड नवगठित ‘Gangland’ गैंग के कुछ सदस्य दिल्ली-NCR में संभावित निशाने तलाश रहे हैं। इसके बाद 29-30 जुलाई 2026 की दरम्यानी रात द्वारका इलाके में पुलिस ने ट्रैप लगाया।
बताया गया कि आरोपी स्कॉर्पियो में घूम रहे थे और किसी वारदात के लिए ‘सॉफ्ट टारगेट’ की तलाश कर रहे थे। पुलिस ने समय रहते तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
तीन पिस्टल और 11 कारतूस बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के पास से तीन पिस्टल, 11 जिंदा कारतूस और एक स्कॉर्पियो कार बरामद हुई है। इनमें 30 बोर की एक ऑटोमैटिक पिस्टल के साथ पांच कारतूस और दो सिंगल-शॉट पिस्टल शामिल हैं।
पुलिस का दावा है कि हथियारों की बरामदगी से यह संकेत मिलता है कि आरोपी किसी गंभीर आपराधिक वारदात की तैयारी में थे। समय रहते गिरफ्तारी से संभावित फायरिंग और रंगदारी की घटनाओं को टालने में मदद मिली।
कन्हा ठाकुर बताया जा रहा गैंग का सरगना
पुलिस के अनुसार, 26 वर्षीय कन्हा सिंह जडौल उर्फ कन्हा ठाकुर इस गैंग का सरगना है। वह मूल रूप से मथुरा का रहने वाला है, जबकि बाद में उसका परिवार जयपुर चला गया था। उसने जयपुर के सुबोध कॉलेज से पढ़ाई की।
बताया गया कि कॉलेज के दौरान ही वह अपराध की दुनिया में आया और मथुरा के एक साथी भूषण के साथ मिलकर ‘Gangland’ बनाया। बाद में गैंग ने फरार गैंगस्टर रोहित गोदारा के नेटवर्क को फॉलो करना शुरू किया।
सोशल मीडिया से अपराध तक का सफर
पुलिस के मुताबिक, गैंग के सदस्य सोशल मीडिया पर अपनी आपराधिक गतिविधियों का प्रदर्शन करते थे। कन्हा ने वल्लभा चर्या और सूरज को भी अपने साथ जोड़ा।
कन्हा और उसके साथियों पर 2023 में कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के तहत हत्या का आरोप भी है। उसके खिलाफ जयपुर में आर्म्स एक्ट और हत्या समेत कई मामलों में FIR दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
सूरज और वल्लभा की अलग कहानी
24 वर्षीय सूरज भरतपुर का रहने वाला बताया गया है। जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद के बाद उसके अपराध की राह पर आने और कन्हा से जुड़ने की बात सामने आई है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट, धमकी और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले दर्ज बताए गए हैं।
वहीं 30 वर्षीय वल्लभा चर्या पहले जिम ट्रेनर था। मार्च 2026 में उसने जयपुर में जिम शुरू किया था, लेकिन कारोबार में नुकसान के बाद कथित तौर पर कन्हा के संपर्क में आया और जल्दी पैसा कमाने के लिए गैंग से जुड़ गया।
समय रहते गिरफ्तारी से टली संभावित वारदात
पुलिस की इस कार्रवाई का सबसे अहम पहलू यही है कि तीनों आरोपियों को कथित वारदात से पहले गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, उनका मकसद फायरिंग के जरिए दहशत पैदा करना और कारोबारियों या वाहनों से फिरौती वसूलना था।
अब जांच इस बात पर केंद्रित होगी कि गैंग के अन्य सदस्य कौन हैं, उनके संभावित निशाने कौन थे और दिल्ली-NCR में उनका नेटवर्क कितना फैला हुआ है। फिलहाल तीन शूटरों की गिरफ्तारी ने एक संभावित आपराधिक योजना को समय रहते रोक दिया है।
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