
मुख्य आकर्षण
- फर्जी वोटिंग पर पूर्ण विराम की तैयारी
- बूथों पर 100 मीटर का सुरक्षा कवच और डबल लेयर चेकिंग
- AI और बॉडी कैम: अभेद्य होगी डिजिटल चौकसी
- ASD लिस्ट के जरिए फर्जीवाड़े पर स्ट्राइक
- अंतिम 72 घंटों के लिए ‘स्पेशल 100’ का मास्टरप्लान
West Bengal Election 2026 Security: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को हिंसा मुक्त और पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए निर्वाचन आयोग (ECI) ने एक ‘फुलप्रूफ’ सुरक्षा चक्र तैयार किया है. इस बार चुनाव का मैदान न केवल जवानों के भरोसे होगा, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अत्याधुनिक कैमरों की तीसरी आंख हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखेगी.
फर्जी मतदान के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’
इलेक्शन कमीशन ने मतदान केंद्रों के इर्द-गिर्द 100 मीटर की एक अभेद्य ‘लक्ष्मण रेखा’ खींचने का फैसला किया है. इस दायरे में अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश नामुमकिन होगा. इस नई रणनीति का एकमात्र लक्ष्य वोटरों को डराने-धमकाने और ‘प्रॉक्सो वोटिंग’ (फर्जी मतदान) जैसी पुरानी कुरीतियों को जड़ से मिटाना है.
100 मीटर का सुरक्षा कवच और डबल वेरिफिकेशन
आयोग ने हर पोलिंग स्टेशन के बाहर 100 मीटर के दायरे को ‘हाई-सिक्योरिटी जोन’ घोषित किया है. मतदान केंद्र के चारों ओर एक स्पष्ट घेरा बनाया जाएगा, जिसकी सीमा पर 2 वेरिफिकेशन डेस्क तैनात होंगे. यहाँ बीएलओ (BLO) बारीकी से दस्तावेजों की जांच करेंगे, जिसके बाद ही मतदाता को बूथ की ओर कदम बढ़ाने की इजाजत मिलेगी.
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AI और बॉडी कैम: हाई-टेक होगी सुरक्षा
2026 के चुनावों में तकनीक का ऐसा इस्तेमाल होगा जो किसी हाई-टेक मिशन जैसा नजर आएगा:
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): बूथों पर AI-सक्षम कैमरे तैनात होंगे. अगर किसी भी केंद्र पर अचानक भीड़ बढ़ती है या कोई असामान्य हरकत होती है, तो यह सिस्टम पलक झपकते ही कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज देगा.
- बॉडी-वोन कैमरा: ग्राउंड पर मौजूद माइक्रो-ऑब्जर्वर्स और केंद्रीय बलों (CAPF) के जवान बॉडी कैमरों से लैस होंगे. मतदान केंद्र के भीतर-बाहर होने वाली हर बातचीत और गतिविधि डिजिटल रूप से रिकॉर्ड की जाएगी.
- CCTV का रिमोट कंट्रोल: आयोग ने इलाकों में लगे सभी सरकारी कैमरों का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है, जिनकी लाइव मॉनिटरिंग सीधे केंद्रीय कंट्रोल रूम से की जाएगी.
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ASD लिस्ट और वोटर पर्चियों का ‘फिल्टर’
फर्जी वोटिंग को पूरी तरह ब्लॉक करने के लिए आयोग ने ‘ASD’ (अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत) मतदाताओं की लिस्ट को पूरी तरह अपडेट कर दिया है. यदि इस लिस्ट में शामिल कोई व्यक्ति वोट देने आता है, तो उसकी पहचान का कई स्तरों पर कड़ा परीक्षण होगा. साथ ही, बीएलओ को घर-घर जाकर पर्चियां बांटने का सख्त निर्देश है और जो पर्चियां नहीं बांटी जा सकीं, उनका जवाब देना अनिवार्य होगा.
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West Bengal Election 2026 Security: अंतिम 72 घंटों का ‘स्पेशल 100’ प्लान
उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक के बाद, वोटिंग से ठीक 72 घंटे पहले के लिए एक कड़ा प्रोटोकॉल तैयार किया गया है. इसमें कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए ‘इंस्टेंट रिस्पांस मेजर’ यानी त्वरित जवाबी कार्रवाई का तंत्र बनाया गया है. इसके साथ ही, मतदाताओं को चुनावी अपराधों के प्रति सचेत करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है.
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