इज़राइली हिरासत में फिलिस्तीनियों की मौतों का चौंकाने वाला आंकड़ा: 98 से अधिक की संदिग्ध मौतें, सच्चाई और भी भयावह हो सकती है
नई दिल्ली: अक्टूबर 2023 से अब तक, इज़राइली हिरासत में कम से कम 98 फिलिस्तीनियों की जान जा चुकी है। यह आंकड़ा सीएनएन द्वारा इज़राइल स्थित मानवाधिकार समूह ‘फ़िज़िशियंस फ़ॉर ह्यूमन राइट्स-इज़राइल’ (पीएचआरआई) की एक नई रिपोर्ट के हवाले से जारी किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, यह संख्या केवल एक अनुमानित आंकड़ा है और वास्तविकता इससे कहीं अधिक भयावह हो सकती है, विशेषकर गाजा से हिरासत में लिए गए उन लोगों के संबंध में जिनका पता अब तक नहीं चला है।
गहन जांच और सत्यापित आंकड़े
पीएचआरआई की रिपोर्ट विभिन्न स्रोतों से प्राप्त आंकड़ों पर आधारित है। इसमें इज़राइल के आधिकारिक रिकॉर्ड, सूचना की स्वतंत्रता के तहत प्राप्त जानकारी, फोरेंसिक रिपोर्टें, पीड़ित परिवारों और वकीलों के साक्षात्कार, हिरासत में लिए गए फिलिस्तीनियों की गवाहियाँ, अन्य मानवाधिकार संगठनों द्वारा प्रकाशित सामग्री और विशिष्ट व्यक्तियों की खोज में की गई व्यक्तिगत पूछताछ शामिल हैं। इन सभी जानकारियों को एक साथ मिलाकर इस चौंकाने वाले निष्कर्ष तक पहुंचा गया है।
शारीरिक हिंसा और चिकित्सीय उपेक्षा का गंभीर आरोप
रिपोर्ट का दावा है कि हिरासत में लिए गए फिलिस्तीनियों की मौतें मुख्य रूप से शारीरिक हिंसा और चिकित्सीय उपेक्षा के कारण हुई हैं। पीएचआरआई ने पाया कि इज़राइली जेल सेवा की हिरासत में 46 फिलिस्तीनियों की मौत हुई, जबकि सीएनएन के अनुसार, कम से कम 52 फिलिस्तीनी गाजा से इज़राइली सैन्य हिरासत में मारे गए। इसके अतिरिक्त, रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि इज़राइली सेना द्वारा हिरासत में लिए गए सैकड़ों गाजावासियों का भाग्य अभी भी अज्ञात है, जो इस बात का संकेत देता है कि मौतों का वास्तविक आंकड़ा दर्ज की गई संख्या से कहीं अधिक हो सकता है।
पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न: जानकारी अवरुद्ध, पहुंच वर्जित
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि युद्ध के शुरुआती दिनों में, इज़राइली अधिकारियों ने हिरासत में लिए गए फिलिस्तीनियों के बारे में रेड क्रॉस को जानकारी देना बंद कर दिया था और हिरासत केंद्रों तक पहुंच को भी अवरुद्ध कर दिया था। यह कदम पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है और हिरासत में हो रही घटनाओं को छिपाने के प्रयासों की ओर इशारा करता है।
आधिकारिक आंकड़ों की कमी और PHRI का निरंतर प्रयास
इज़राइली सेना द्वारा हिरासत में हुई मौतों पर सबसे हालिया सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़ा मई 2024 का है, जबकि इज़राइल जेल सेवा (IPS) ने सितंबर 2024 में आंकड़े जारी किए थे। इन आधिकारिक आंकड़ों के बाद से, पीएचआरआई ने प्रत्यक्ष साक्ष्यों और फिलिस्तीनी प्राधिकरण द्वारा प्रस्तुत अनुरोधों पर प्राप्त आधिकारिक प्रतिक्रियाओं का उपयोग करके अतिरिक्त मौतों का दस्तावेजीकरण किया है। यह दर्शाता है कि पीएचआरआई जैसी संस्थाएं सत्य को सामने लाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं, भले ही इसके लिए उन्हें आधिकारिक आंकड़ों के बाहर जाकर भी काम करना पड़े।
इन्हें भी पढ़ें:
- Trump की स्पीच से खेला, टॉप बॉस की कुर्सी गई, हाल के कुछ चर्चित विवाद जिसने लगा दिया BBC की साख पर दाग
- गाजा में बचे चार बंधकों में से एक का शव लौटाया गया: इजराइल
- गाजा में फिर हमास के लड़ाकों का कब्जा, इजरायली फौज के लौटते ही पलटी बाजी, ट्रंप की फिस्ड्डी निकली शांति संधि!
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


