Maduro Capture: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच जारी टकराव ने अब एक विस्फोटक मोड़ ले लिया है। एक बेहद गोपनीय और आक्रामक सैन्य अभियान में अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के अपदस्थ तानाशाह निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को जबरन हिरासत में लेकर देश से बाहर भेज दिया है। इस नाटकीय घटनाक्रम ने वैश्विक राजनीति में हड़कंप मचा दिया है। चीन ने इस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून की धज्जियां उड़ाना और वेनेजुएला की संप्रभुता पर सीधा हमला करार दिया है। बीजिंग ने चेतावनी दी है कि यह कदम लैटिन अमेरिका की शांति को खतरे में डाल सकता है और अमेरिका से मादुरो की सुरक्षा सुनिश्चित करने व उन्हें तुरंत रिहा करने की मांग की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को इस बड़े सैन्य ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए बताया कि अमेरिकी सेना ने मादुरो को उनके गढ़ से उखाड़ फेंका है। ट्रंप ने रणनीतिक संदेश देते हुए सोशल मीडिया पर युद्धपोत ‘USS Iwo Jima’ पर मादुरो की एक तस्वीर भी साझा की। अमेरिकी अधिकारियों द्वारा जारी वीडियो फुटेज में दुनिया ने देखा कि कभी शक्तिशाली रहे मादुरो अब हथकड़ियों में हैं और वे DEA एजेंटों के बीच घिरे हुए रिपोर्टर्स को नववर्ष की शुभकामनाएं दे रहे हैं।
Maduro Capture: वैश्विक कानून का उल्लंघन और लैटिन अमेरिका की शांति पर संकट
इस सैन्य हस्तक्षेप के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध के स्वर उठने लगे हैं। चीन ने अमेरिका की इस कार्रवाई को “महज ताकत का भद्दा प्रदर्शन” बताया है। चीन का कहना है कि यह ऑपरेशन अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के खिलाफ है और इससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता पैदा होगी। चीन ने वाशिंगटन को नसीहत दी है कि वह दुनिया के अन्य देशों की गरिमा और सीमाओं का सम्मान करना सीखे।
अवेयर मीडिया नेटवर्क
सत्ता का हस्तांतरण: उपराष्ट्रपति बनीं कार्यवाहक राष्ट्रपति
मादुरो के हटाए जाने के तुरंत बाद वेनेजुएला की सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासनिक शून्यता को भरने के लिए बड़ा फैसला सुनाया। न्यायमूर्ति तानिया डी’एमेलियो ने आदेश दिया कि चूंकि निकोलस मादुरो अब अपनी जिम्मेदारियां निभाने में असमर्थ हैं, इसलिए उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज तुरंत प्रभाव से कार्यवाहक राष्ट्रपति का पद संभालेंगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि देश की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए रोड्रिग्ज के पास राष्ट्रपति की सभी शक्तियां निहित होंगी।
इनसाइड स्टोरी: अमेरिकी रणनीति और तेल का खेल
इस पूरे ऑपरेशन के पीछे की कड़ियों को जोड़ते हुए पूर्व अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। बोल्टन के अनुसार, मादुरो को हटाने की साजिश ट्रंप के पहले कार्यकाल में ही रची गई थी। उन्होंने बताया कि डोनाल्ड ट्रंप की नजर हमेशा से वेनेजुएला के विशाल तेल भंडारों पर थी। शुरुआती रणनीति केवल आर्थिक दबाव तक सीमित थी, लेकिन अंततः कांग्रेस की अनुमति के बिना ही एक बड़े सैन्य प्रहार के जरिए मादुरो को दबोच लिया गया।
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