युद्ध का खुला ऐलान! ड्रैगन की इस चेतावनी से दहली दुनिया

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नए साल पर जिनपिंग का महा-हुंकार: युद्ध का खुला ऐलान, ड्रैगन की इस चेतावनी से दहली दुनिया!
हमें कोई नहीं रोक सकता...नए साल पर जंग का ऐलान, जिनपिंग ने किसे दी खुलेआम चेतावनी

जब पूरी दुनिया नए साल के आगमन पर शांति और खुशहाली की दुआएं मांग रही है, ठीक उसी वक्त चीन के राष्ट्रपति शी जिंपिंग ने एक ऐसी चेतावनी दी है जिसने वैश्विक हलचल बढ़ा दी है। लाल झंडे के साए और चीन की विशाल दीवार के सामने बैठकर जिंपिंग ने दो टूक शब्दों में कहा कि ताइवान का चीन के साथ पुनर्मिलन ‘अपरिहार्य’ है और इसे कोई भी शक्ति रोक नहीं सकती। यह बयान उस समय आया है जब ताइवान की सीमाओं के बिल्कुल करीब चीन ने रॉकेटों, फाइटर जेट्स और जंगी जहाजों के साथ अब तक का सबसे आक्रामक युद्धाभ्यास किया है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है—क्या 2026 में एशिया एक भीषण जंग की तरफ बढ़ रहा है?

ताइवान के चारों ओर मंडराते फाइटर जेट, समंदर में डटे युद्धपोत और आसमान से दागे गए रॉकेट—चीन ने अपनी इस सैन्य ड्रिल को ‘जस्टिस मिशन 2025’ यानी ‘न्याय का मिशन’ नाम दिया है। बीजिंग का दावा है कि ताइवान उसका आंतरिक मामला है, जबकि ताइवान खुद को एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक देश के रूप में पेश करता है।

नववर्ष की पूर्व संध्या पर सरकारी मीडिया के जरिए देश को संबोधित करते हुए शी जिंपिंग ने रक्षा तकनीक और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में चीन की अभूतपूर्व प्रगति की जमकर सराहना की। इस संबोधन के दौरान स्क्रीन पर ‘कुंग फू’ करते ह्यूमनॉइड रोबोट और विशाल जलविद्युत परियोजनाओं की झलकियां दिखाई गईं, जो चीन की बढ़ती ताकत का प्रदर्शन कर रही थीं। शी ने कहा कि नवाचार के जरिए उन्होंने देश को उच्च गुणवत्ता वाले विकास की ओर मोड़ा है और इसके लिए उन्होंने जनता का आभार जताया। ताइवान के मुद्दे पर अपना रुख दोहराते हुए उन्होंने कहा कि दोनों तरफ के लोगों का ‘खून का रिश्ता’ है, लेकिन ताइवान को अंततः चीन का हिस्सा बनना ही होगा।

अपने संबोधन में शी जिंपिंग ने ब्रह्मपुत्र नदी पर बनाए जा रहे दुनिया के सबसे बड़े बांध का भी जिक्र किया। यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट भारत और बांग्लादेश के लिए गहरी चिंता का विषय है, क्योंकि इससे पानी की आपूर्ति, पर्यावरण और सुरक्षा तीनों पर गंभीर संकट मंडरा सकता है। फिलहाल सरहद पर गोलियां नहीं चली हैं, लेकिन चीन का संदेश बिल्कुल साफ है। ताइवान के आसमान में उड़ते लड़ाकू विमानों ने दुनिया की सांसें अटका दी हैं। अब देखना यह है कि क्या 2026 सिर्फ एक चेतावनी बनकर रह जाएगा या यह किसी आने वाले बड़े तूफान का खौफनाक ट्रेलर है।


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