परमाणु पनडुब्बियों का साया: चीन की अमेरिका-दक्षिण कोरिया को दो टूक चेतावनी
बीजिंग की नई रणनीतिक चालबाजी पर कड़ी प्रतिक्रिया, रिश्तों में खटास का अंदेशा
सोमवार को चीन ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया को आगाह किया है कि यदि परमाणु पनडुब्बियों के संयुक्त उत्पादन के समझौते के बाद, बीजिंग को नियंत्रित करने पर उनका रणनीतिक ध्यान केंद्रित रहा, तो चीन का रुख भी उनके प्रति “बदल” जाएगा। यह कड़ा बयान तब आया जब एक अमेरिकी नौसेना अधिकारी ने कहा कि दक्षिण कोरिया द्वारा अमेरिकी सहयोग से निर्मित की जाने वाली परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियों का इस्तेमाल चीन का मुकाबला करने के लिए किया जाएगा।
इस संदर्भ में, चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने अमेरिकी एडमिरल डेरिल कॉडल की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हमें उम्मीद है कि दक्षिण कोरिया और अमेरिका इस मामले को विवेकपूर्ण तरीके से संभालेंगे।”
सियोल में चीन के राजदूत दाई बिंग ने भी इस पर चिंता जताते हुए चेतावनी दी कि दक्षिण कोरिया-अमेरिका को बीजिंग को नियंत्रित करने के उद्देश्य से अपने गठबंधन ढांचे का विस्तार नहीं करना चाहिए। उनका मानना है कि ऐसा करने से यह गठबंधन उत्तर कोरियाई खतरों से निपटने के अपने घोषित उद्देश्य से भटक जाएगा।
चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने बिंग के हवाले से कहा, “यदि दक्षिण कोरिया-अमेरिका गठबंधन के सामरिक उद्देश्य में कोई बदलाव होता है, तो इस गठबंधन के प्रति चीन का नजरिया भी बदल जाएगा।”
वहीं, अमेरिकी एडमिरल डेरिल कॉडल ने दक्षिण कोरियाई मीडिया से बातचीत में कहा, “मेरा मानना है कि चीन का मुकाबला करने के लिए उस पनडुब्बी का उपयोग एक स्वाभाविक अपेक्षा है।” यह बयान चीन की चिंता को और बढ़ा रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव की ओर इशारा मिल रहा है।
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