इमरान खान की फांसी का रहस्य: 17 दिन की खामोशी, पाकिस्तान में मचा घमासान!
पाकिस्तान की राजनीति में भूचाल आ गया है। एक सनसनीखेज दावे के अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को 17 दिन पहले ही फांसी दी जा चुकी है। इस रहस्यमयी खुलासे ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए हैं कि मौजूदा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के करीबियों ने भी इमरान खान का फातिहा पढ़ने की सलाह दे डाली है।
यह “17 दिन का रहस्य” पाकिस्तान में जबरदस्त हंगामा मचाए हुए है। कोई कह रहा है कि इमरान खान को फांसी दी जा चुकी है, कोई मान रहा है कि उन्हें किसी भी पल फांसी हो सकती है, तो कोई इस उम्मीद में है कि उनके साथ अन्याय नहीं होगा। यह गौरतलब है कि पाकिस्तान में राजनेताओं को फांसी पर लटकाने का इतिहास पुराना रहा है। 1979 में, 51 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो को रावलपिंडी जेल में फांसी दी गई थी। आज, 46 साल बाद, एक और पूर्व प्रधानमंत्री, इमरान खान, जेल में बंद हैं और उनके बारे में तरह-तरह की खबरें सामने आ रही हैं।
डेढ़ साल से नहीं देखा गया इमरान खान का चेहरा!
अगस्त 2023 से जेल में बंद इमरान खान को आखिरी बार डेढ़ साल पहले देखा गया था। दो महीने पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उनकी पेशी होनी थी, लेकिन न तो उनका चेहरा दिखा और न ही उनकी आवाज सुनाई दी। इमरान खान से मिलने की ज़िद पर अड़ीं उनकी बहनों के साथ भी बदसलूकी की गई। एक महीने से उनकी सगी बहनों ने भी इमरान खान को नहीं देखा है। इसी वजह से यह चर्चा तेज हो गई है कि 17 दिन पहले ही इमरान खान को जेल में मार दिया गया है। इन सब के बीच, पाकिस्तान में एक नाम बार-बार चर्चा में आ रहा है – पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर।
समर्थकों का गुस्सा, जेल के बाहर प्रदर्शन और अनसुनी आवाजें!
जैसे ही 17 दिन पहले इमरान खान की हत्या की खबरें सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगीं, इमरान समर्थकों का सैलाब उमड़ पड़ा। अडियाला जेल के बाहर पीटीआई समर्थक जमा हो गए। सोहेल चौधरी ने जेल के बाहर धरना दिया, जो रात भर जारी रहा। मरियम की पुलिस और मुनीर की फौज ने सोहेल को समर्थकों के साथ हटने को कहा, लेकिन जब वे नहीं माने, तो पाकिस्तान में एक सूबे के चुने हुए मुख्यमंत्री की बुरी तरह पिटाई कर दी गई। इससे इमरान के समर्थक और भड़क गए। हालांकि, सोहेल अफरीदी ने हंगामे को शांत कराया और वह इमरान से मिलने की मांग को लेकर इस्लामाबाद हाई कोर्ट की ओर बढ़ गए।
जब शहबाज शरीफ के करीबियों ने इमरान के समर्थकों को फातिहा पढ़ने की सलाह दी, तो पूरे पाकिस्तान में कोहराम मच गया। पाकिस्तानी फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। लोग अपने घरों से बाहर निकलने लगे। इमरान समर्थकों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि 27वें संविधान संशोधन के बाद मुनीर की शक्तियां बेहिसाब बढ़ चुकी हैं। मुनीर इस वक्त पाकिस्तान के सबसे बड़े फैसले ले सकता है। वह किसी को भी फांसी पर लटका सकता है और किसी को भी फांसी से हटवा सकता है।
यह देखना बाकी है कि इस 17 दिन के रहस्य का क्या खुलासा होता है और पाकिस्तान का भविष्य किस दिशा में मुड़ता है।
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