रफाह सीमा पर अनिश्चितता: बंधकों के अवशेष बने अड़चन, कब खुलेगा रास्ता?
गाजा और मिस्र के बीच रफाह सीमा पर एक बार फिर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं। जहां एक ओर मिस्र के फलस्तीनी दूतावास ने सोमवार को इस सीमा को बाहरी गाजा लौटने वाले लोगों के लिए फिर से खोलने की बात कही थी, वहीं इजराइल ने शनिवार को स्पष्ट कर दिया कि यह सीमा अगले आदेश तक बंद ही रहेगी।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय से जारी बयान के अनुसार, रफाह सीमा का फिर से खुलना हमास द्वारा सभी 28 मृत बंधकों के अवशेष लौटाने की अपनी युद्धविराम की शर्त को पूरा करने पर निर्भर करेगा। यह घोषणा इजराइली विदेश मंत्रालय के उस बयान के ठीक विपरीत है, जिसमें कहा गया था कि सीमा संभवतः रविवार को फिर से खुल जाएगी।
इस बीच, हमास ने 10 बंधकों के अवशेष सौंप दिए हैं। एक बयान में हमास की सशस्त्र शाखा ने शनिवार रात को दो और बंधकों के अवशेष सौंपने का दावा किया है, हालांकि उनकी पहचान गुप्त रखी गई है।
दिलचस्प बात यह है कि रफाह सीमा, युद्ध से पहले इजराइल के नियंत्रण से बाहर रहने वाली एकमात्र सीमा थी। इजराइल द्वारा मई 2024 में गाजा पट्टी पर नियंत्रण कर लिए जाने के बाद से यह सीमा बंद है। वहीं, इजराइल द्वारा लौटाए जा रहे फलस्तीनियों के शवों की पहचान केवल संख्या के रूप में हो रही है, जिससे गाजा का स्वास्थ्य मंत्रालय उनकी तस्वीरें ऑनलाइन पोस्ट करने को मजबूर है।
यह पूरा घटनाक्रम रफाह सीमा के भविष्य पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा रहा है और बंधकों के मुद्दे को इसके खुलने या बंद रहने का केंद्र बिंदु बना रहा है।
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